Tuesday, July 14, 2026
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उपलब्धि : PGIMS रोहतक को पूरे देश के मेडिकल कॉलेजों में 26वां और पीजीआईडीएस को चौथा स्थान प्राप्त हुआ

रोहतक :  हरियाणा की चिकित्सा शिक्षा के गौरव पंडित भगवत दयाल शर्मा स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, रोहतक ने एक बार फिर पूरे देश में परचम लहराया है। देश की एक प्रतिष्ठित मैगजीन द्वारा करवाए गए सर्वे में पीजीआईएमएस को पूरे देश के मेडिकल कॉलेजों में से 26वां स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज को देश भर के डेंटल कॉलेजों में चौथा स्थान प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि संस्थान के कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल के दूरदर्शी नेतृत्व, कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयासों का परिणाम है।

कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर कहा कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे परिवार की मेहनत का फल है। जब मैंने कार्यभार संभाला था तब हमने संकल्प लिया था कि संस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर टॉप संस्थानों की श्रेणी में लाना है। आज वह सपना साकार होने की तरफ बढ़ रहा है। डाॅ. अग्रवाल ने कहा कि हमारे डॉक्टर, शिक्षक, नर्स, कर्मचारी और छात्र दिन-रात मरीजों की सेवा और शिक्षा के लिए समर्पित हैं। डाॅ. अग्रवाल ने कहा कि अब हमारा लक्ष्य है कि अगले सर्वे में पीजीआईएमएस देश के टॉप-20 मेडिकल कॉलेजों में शामिल हो। इसके लिए हम शोध, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि यह रैंकिंग मंजिल नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। हम संकल्पित हैं कि पीजीआईएमएस रोहतक को देश के सर्वश्रेष्ठ 10 संस्थानों में लाकर हरियाणा का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखेंगे।

निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने कहा कि हमारी सबसे बड़ी ताकत यहां का विशाल क्लिनिकल वर्कलोड है। रोजाना हजारों मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं। इससे हमारे एमबीबीएस छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ बेहतरीन प्रैक्टिकल अनुभव मिलता है। उन्होंने बताया कि सर्वे में हमें शैक्षणिक गुणवत्ता, योग्य और अनुभवी फैकल्टी, मरीज देखभाल और व्यापक स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अच्छे अंक मिले हैं। डाॅ. सिंघल ने कहा कि हमारा प्रयास रहेगा कि रिसर्च पेपर, पेटेंट और बाहरी फंड वाले प्रोजेक्ट्स की संख्या बढ़ाकर संस्थान को और ऊंचाइयों पर ले जाएं। उन्होंने का कि हमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग, छात्र-शिक्षक आदान-प्रदान, डिजिटल लर्निंग को मजबूत करना होगा और इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च को बढ़ावा देना होगा।

कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने कहा कि इस सर्वे में भागीदारी के लिए सभी विभागों से डेटा एकत्र करना एक बड़ा कार्य था। सभी विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से समय पर जानकारी पोर्टल पर अपलोड की गई। डाॅ. रूपसिंह ने बताया कि आंकड़ों में इतनी बड़ी संख्या में संस्थानों के बीच पीजीआईएमएस का 26वां और पीजीआईडीएस का चौथा स्थान आना हर हरियाणावासी के लिए गर्व की बात है।

डीन डाॅ. अशोक चौहान ने कहा कि हमारा संस्थान सर्वोत्तम शिक्षा प्रदान करता है। इसके कारण हमारा संस्थान हरियाणा प्रदेश मे पहले नंबर पर है।

डेंटल कॉलेज की प्राचार्य डाॅ. मनु राठी ने बताया कि दंत चिकित्सा के क्षेत्र में देशभर में चौथा स्थान प्राप्त किया है। आधुनिक डेंटल चेयर, लैब और अनुभवी प्रोफेसरों के कारण यहां दूर-दूर से मरीज आते हैं। यह रैंकिंग पीजीआईडीएस के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।

सर्वे में संस्थानों को 8 मुख्य बिंदुओं परखा जाता

  • जनसंपर्क विभाग के सीनियर प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. मंजूनाथ बीसी ने सर्वे के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि इंडिया टूडे – एमडीआरए सर्वे में संस्थानों को 8 मुख्य बिंदुओं परखा जाता है: शैक्षणिक उत्कृष्टता और पढ़ाई की गुणवत्ता, फैकल्टी की संख्या, योग्यता और अनुभव रिसर्च, प्रकाशन, पेटेंट और नवाचार इंफ्रास्ट्रक्चर, लैब, लाइब्रेरी और संसाधन क्लिनिकल एक्सपोजर, मरीजों की संख्या और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग छात्रों का प्रदर्शन और शिक्षा प्रबंधन, नेतृत्व और संस्थान की प्रतिष्ठा प्लेसमेंट और विशेषज्ञों में छवि।
  • डॉ. मंजूनाथ ने बताया कि संस्थान को सबसे ज्यादा अंक उच्च क्लिनिकल वर्कलोड, अनुभवी फैकल्टी, व्यापक मरीज सेवाएं और मजबूत शैक्षणिक प्रतिष्ठा में मिले हैं। इसी कारण हम 26वें स्थान पर पहुंचे हैं। डॉ. मंजूनाथ ने कहा कि आंकड़ों के अनुसार देश में करीब 823 मेडिकल और 330 डेंटल कालेज हैं। इस उपलब्धि के लिए डीन एकेडमिक अफेयर्स डाॅ. एम.जी. वशिष्ठ और समस्त फैकल्टी ने संस्थान के अधिकारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी
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