Saturday, August 15, 2026
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अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं के लिए बनेंगे 6 आधुनिक हॉस्टल, 6.15 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी

लखनऊ : भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश में 6 आधुनिक हॉस्टल के निर्माण और मरम्मत का कार्य शुरू किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन छात्रावासों के लिए कुल ₹12.30 करोड़ की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से ₹6.15 करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी गई है। यह पहल सामाजिक समावेशन और शिक्षा के समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

चार जिलों में विकसित होंगे आधुनिक छात्रावास

योजना के तहत जौनपुर, सुल्तानपुर और हाथरस में एक-एक तथा फिरोजाबाद में तीन छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा। इन छात्रावासों को आधुनिक कैंपस के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा मिल सके।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे छात्रावास

इन छात्रावासों में सुसज्जित कक्ष, आधुनिक मेस, मनोरंजन कक्ष, समृद्ध पुस्तकालय, सुरक्षा के लिए गार्ड रूम और छात्रावास अधीक्षक के लिए आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का उद्देश्य इन्हें केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि एक समग्र “लर्निंग हब” के रूप में विकसित करना है।

पारदर्शिता और गुणवत्ता पर विशेष जोर

समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि निर्माण कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए धनराशि SNA (स्पर्श) खाते के माध्यम से संचालित की जा रही है। साथ ही कार्य को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।

योगी सरकार का समावेशी विकास पर फोकस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी विकास को प्राथमिकता दे रही है। यह पहल न केवल अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को बेहतर अवसर प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस योजना के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ाया गया है।

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