- भाव बढ़े तो प्रशासन ने जमाखोरों पर कसी नजर
- एक महीने में करीब दोगुने हुए भाव, गृहिणियों की चिंता बढ़ी
कविता. रोहतक : महंगाई ने एक बार फिर आम आदमी की रसोई पर सीधा वार किया है। चीनी का भाव बढ़कर करीब 70 रुपये किलो और प्याज 60 रुपये किलो तक पहुंच गया है। खास बात यह है कि करीब एक महीने में दोनों के दाम लगभग दोगुने हो गए हैं। अचानक आई इस तेजी ने घर का बजट बिगाड़ दिया है। जिन चीजों के बिना रोज का खाना अधूरा माना जाता है, उन्हीं के दाम अब रसोई का हिसाब बिगाड़ रहे हैं।
चीनी की बढ़ी कीमत का असर चाय से लेकर घर में बनने वाली मिठाइयों तक पड़ रहा है, वहीं प्याज महंगा होने से सब्जी, दाल और दूसरे व्यंजनों का खर्च बढ़ गया है। गृहिणियों का कहना है कि महीने का बजट पहले से तय होता है, लेकिन जरूरी सामान के भाव लगातार बढ़ने से अब हर खरीदारी से पहले सोचना पड़ रहा है।
बाजार में बढ़े भाव तो प्रशासन ने भी कसी नजर
बढ़ते दामों के बीच प्रशासन की नजर अब जमाखोरी पर है। किसी दुकानदार या थोक विक्रेता के पास तय सीमा से ज्यादा चीनी या प्याज का स्टॉक मिला तो कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में संबंधित विभागों की टीमें बाजार में उतरकर दुकानों और थोक कारोबारियों के स्टॉक की जांच करेंगी। रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक का मिलान भी किया जा सकता है। प्रशासन की इस कार्रवाई का मकसद ऐसे कारोबारियों पर शिकंजा कसना है, जो माल रोककर बाजार में कमी पैदा कर सकते हैं। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन मिला तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।
गृहिणियों की चिंता
बजट पर सीधा असर
चीनी और प्याज दोनों रोज की जरूरत हैं। इनके दाम इतनी तेजी से बढ़ना सीधे घर के बजट पर असर डाल रहा है।—सुनीता शर्मा
खर्च संभालना मुश्किल
पहले ही सब्जियों और राशन के दाम बढ़े हुए हैं। अब प्याज 60 और चीनी 80 रुपये किलो हो गई, तो महीने का खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है।- पूजा मलिक
सख्त कार्रवाई हो
अगर कोई व्यापारी माल रोककर दाम बढ़ा रहा है तो प्रशासन को ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। महंगाई का बोझ आम आदमी क्यों उठाए। -रीना
*कटौती कर रहे
रसोई में सबसे ज्यादा कटौती महिलाओं को ही करनी पड़ती है। दाम बढ़ते हैं तो सबसे पहले हमें ही तय करना पड़ता है कि क्या कम खरीदें और क्या छोड़ें।– रश्मी
जांच टीमों के बाजार में उतरने का इंतजार
फिलहाल बाजार में बढ़े हुए भाव ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है और प्रशासन की प्रस्तावित जांच से लोगों को उम्मीद है कि जमाखोरी पर लगाम लगेगी। आने वाले दिनों में जब टीमें बाजार में उतरेंगी तो यह भी साफ होगा कि स्टॉक की स्थिति क्या है और बढ़ते दामों के पीछे आपूर्ति का असर कितना है। फिलहाल चीनी की मिठास और प्याज का तड़का, दोनों ही आम आदमी को महंगा पड़ रहा है।


