Wednesday, September 16, 2026
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राज्यव्यापी प्रशिक्षण कार्यक्रम और विशेष सीमांकन अभियान शुरू, पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 जल्द होगा लागू

हरियाणा सरकार ने राजस्व क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन और प्रशासनिक सुधारों के प्रयासों को गति देते हुए राज्यभर में राजस्व अधिकारियों के लिए व्यापक क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू किया है तथा लंबित सीमांकन मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान चलाया है। साथ ही, पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 के क्रियान्वयन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यह अगली पीढ़ी का डिजिटल पंजीकरण प्लेटफॉर्म है, जो नागरिक सेवाओं और प्रशासनिक दक्षता को महत्वपूर्ण रूप से सुदृढ़ करेगा। सुचारू परिवर्तन सुनिश्चित करने के लिए पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 1.0 से 2.0 में माइग्रेशन चरणबद्ध तरीके से जिला-वार किया जाएगा

इस संबंध में जानकारी देते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 को एक उन्नत डिजिटल ढांचे के रूप में विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य शून्य भौतिक दस्तावेजीकरण के साथ पंजीकरण प्रणाली का आधुनिकीकरण करना है। यह प्लेटफॉर्म ऑनलाइन आवेदन जमा करने, दस्तावेज अपलोड करने, आधार आधारित प्रमाणीकरण, ई-हस्ताक्षर, ऑनलाइन शुल्क भुगतान, रियल टाइम सत्यापन, सुरक्षित डेटा भंडारण तथा स्वचालित कार्यप्रवाह प्रबंधन जैसी सुविधाएं प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि यह प्रणाली नागरिकों की सरकारी कार्यालयों में बार-बार जाने की आवश्यकता को काफी हद तक कम करेगी, मैनुअल हस्तक्षेप को न्यूनतम करेगी, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाएगी तथा सेवाओं की त्वरित डिलीवरी सुनिश्चित करेगी। यह पहल प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करने, कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने तथा नागरिक-केंद्रित और निर्बाध पंजीकरण अनुभव उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगी।

उन्होंने बताया कि इस नई प्रणाली के सुचारू क्रियान्वयन के लिए विभाग द्वारा सभी परिचालन मॉड्यूलों से संबंधित विस्तृत मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) तथा उपयोगकर्ता पुस्तिकाएं तैयार की गई हैं। वर्तमान में राज्यभर के सभी जिलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्व अधिकारियों और क्षेत्रीय कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त, प्रत्येक जिले में मास्टर ट्रेनर्स की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षित किया गया है, जो अधिकारियों और कर्मचारियों को नई डिजिटल प्रक्रियाओं को अपनाने में सहयोग प्रदान करेंगे। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एक सप्ताह के भीतर पूरा होने की संभावना है, जिससे पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 तथा अन्य डिजिटल राजस्व सुधारों के सफल क्रियान्वयन के लिए जमीनी स्तर पर मजबूत आधार तैयार होगा।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि पटवारियों, कानूनगो तथा अन्य राजस्व कर्मियों की डिजिटल क्षमताओं को सुदृढ़ करना सुधारों के एकरूप क्रियान्वयन और क्षेत्रीय स्तर पर प्रक्रियागत बाधाओं को समाप्त करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस बीच, विभाग ने लंबित सीमांकन मामलों के निपटान के लिए सभी जिलों में 10 दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना, सेवा वितरण मानकों में सुधार करना तथा भूमि संबंधी विवादों और आवेदनों के लंबित मामलों को कम करना है।

अभियान के तहत जिला प्रशासनों को लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने तथा प्रगति की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय के तहत विभाग ने यह भी तय किया है कि जिन सीमांकन आवेदनों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है, लेकिन निर्धारित शुल्क 15 दिनों के भीतर जमा नहीं कराया गया है, उन्हें स्वतः निरस्त कर दिया जाएगा।

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