Rohtak News : दिवाली के त्योहार पर किसी भी मरीज को इलाज में कोई परेशानी न हो, इसके लिए पीजीआईएमएस रोहतक पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
निदेशक डॉ. एम.जी. वशिष्ठ और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर अत्री ने शनिवार को इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दौरे के दौरान डॉ एम जी वशिष्ठ ने इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और फार्मासिस्टों से बातचीत की और दिवाली की रात के लिए विशेष इंतजामों की समीक्षा की।
कुलपति डॉ एच के अग्रवाल ने कहा कि हरियाणा सरकार और पीजीआईएमएस प्रशासन का एक ही लक्ष्य है – दिवाली की खुशियों के बीच अगर किसी को भी चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़े तो उसे तुरंत, बेहतर और बिना किसी देरी के इलाज मिले। इसके लिए सभी चिकित्सक और स्टॉफ अपना पूरा सहयोग दे रहे हैं।
निदेशक डॉ. एम.जी. वशिष्ठ ने कहा कि डीएमएस इंचार्ज को आदेश दिए गए हैं कि दिवाली पर इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के इलाज में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। सभी इमरजेंसी दवाओं की तुरंत खरीद करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर कोई भी दवा तुरंत उपलब्ध हो।
डॉ. वशिष्ठ ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों की स्ट्रेंथ को दोगुना कर दिया गया है। सर्जरी के डॉक्टरों को आदेश दिए गए हैं कि अगर कोई भी मास कैजुअल्टी आती है तो तुरंत सूचना दी जाए, क्योंकि सभी डॉक्टरों को स्टैंडबाय रहने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही 1 की जगह रात को 2 जीडीएमओ की ड्यूटी लगाई गई है।
डॉ एम जी वशिष्ठ ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में पटाखों से झुलस कर आने वाले मरीजों के लिए अलग से बेड रिजर्व कर दिए गए हैं।
मेडिसिन, चेस्ट और आई विभाग भी मजबूत
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर अत्री ने बताया कि मेडिसिन और चेस्ट एंड रेस्पिरेटरी मेडिसिन के डॉक्टरों की संख्या भी दोगुनी कर दी गई है। आंखों में चोट व पटाखों से जलने की घटनाओं को देखते हुए नेत्र रोग विभाग के डॉक्टरों की ड्यूटी भी डबल लगा दी गई है। वहीं बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी के डॉक्टरों की सूची सभी डॉक्टरों के पास लगा दी गई है, ताकि किसी भी मरीज को कोई परेशानी न आए।
इस अवसर पर डॉ. विपुल, डॉ. हेमंत मोर, डॉ. पंकज छिक्कारा, डॉ. रोहित, डॉ महेश माहला सहित इमरजेंसी व ट्रॉमा सेंटर के अन्य डॉक्टर व स्टाफ भी उपस्थित रहे।

