रोहतक। बेटियों के प्रति अब समाज की सोच बदल रही है। यही वजह है कि बेटियों को बेटों से भी ज्यादा महत्व दिया जाने लगा है। एक ऐसा ही उदाहरण रोहतक की जगदीश कलोनी में देखने को मिला है, जहां एक पिता ने अपनी इकलौती बेटी की शादी में बेटों की भांति घुड़चढ़ी निकालकर बेटियां बेटों से कम नहीं होने का संदेश दिया। नाचते गाते, ढोल नगाड़ों के साथ घुड़चढ़ी निकाली गई। लाडली बेटी की घुड़चढ़ी की चर्चाएं हर जगह हो रही हैं। सभी लोग इसे एक अच्छा कदम मान रहे हैं। क्षेत्रवासियों का भी कहना है कि जब लड़के की घुड़चढ़ी शान से निकाली जा सकती है तो लड़की की क्यों नहीं। बेशक ही इसे एक मिसाल के रूप याद रखा जाएगा।
जानकारी के अनुसार रोहतक शहर की जगदीश कॉलोनी में मंगलवार को अनोखी घुडचढ़ी हुई। दरअसल, यहां सब्जी व्यापारी राजू गांधी ने अपनी इकलौती बेटी स्वाति की शादी से एक दिन पहले दूल्हे ही तरह घुड़चढ़ी की रस्म निभाई। इकलौती बेटी ने भी घुड़चढ़ी के जरिए पिता की बेटे की तरह बेटी की शादी करने की इच्छा भी पूरी कर दी। राजू गांधी ने बताया कि उनकी बेटी स्वाति की 31 जनवरी को शादी होनी है। उनका बेटा नहीं है। इसलिए अपनी बेटी को ही बेटे की तरह मानकर पाल-पोसकर बड़ा किया है। उसकी शादी बेटे की तरह धूमधाम से करने की ख्वाहिश थी। इसलिए मंगलवार को घुड़चढ़ी के साथ यह ख्वाहिश पूरी हुई।
मंगलवार को राजू गांधी के परिवार व समाज के लोग बेटी स्वाती को घोड़ी में बैठाकर कॉलोनी की मुख्य सड़कों से गुजरे। स्वाती की शादी को लेकर परिवार में खुशी का माहौल है। साईं दास कॉलोनी से बुधवार को स्वाती की बारात आएगी। बारात का भी जोरदार स्वागत किया जाएगा। पिता राजू गांधी ने कहा कि बेटियां भी किसी प्रकार बेटों से कम नहीं। उनकी बेटी स्वाती की इच्छा थी कि उसकी भी घुड़चढ़ी निकाली जाए। बेटी की इच्छा का मान रखते हुए उन्होंने धूमधाम से बेटी की घुड़चढ़ी निकाली। उन्होंने कहा कि बेटी की घुड़चढ़ी करवाने का उद्देश्य यही है कि समाज को संदेश दिया जाए कि बेटियां बेटों से किसी भी तरह से कम नहीं हैं। बेटियों को भी शिक्षा से लेकर हर स्तर पर छूट व सहयोग चाहिए।