गरिमा टाइम्स न्यूज.रोहतक : शहर का दिल्ली रोड इन दिनों बदहाली की तस्वीर बन चुकी है। दिल्ली की तरफ से रोहतक में प्रवेश करते ही यह सड़क शहर की पहली तस्वीर पेश करती है, लेकिन यहां टूटी सड़क, गड्ढे और अव्यवस्थित ट्रैफिक ही नजर आता है।
वर्षों से मरम्मत और निर्माण के दावे किए जाते रहे हैं, मगर जमीनी हकीकत अब भी जस की तस बनी हुई है। करीब डेढ़ महीने पहले सड़क के पुनर्निर्माण के नाम पर इसे उखाड़ दिया गया था, रोड़े भी बिछाए, उम्मीद थी कि अब तो सड़क बन ही जाएगी, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया। लगभग 2 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण सड़क सिंगल लेन में तब्दील हो गई है। ऐसे में वाहन चालक रोंग साइड से गुजर रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हैरानी की बात यह है कि इसी मार्ग पर मस्तनाथ स्कूल में हेलीपेड है, जहां से कई बार वीआईपी मूवमेंट होता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी समेत कई बड़े नेता इसी हेलिपेड पर उतरते हैं और इसी सड़क से रोहतक में एंट्री करते हैं। बावजूद इसके सड़क की हालत सुधारने के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए गए।

छात्रों को भी खतरा
इस रोड पर मस्तनाथ स्कूल और यूनिवर्सिटी है, जहां से हर रोज स्कूली बच्चे और विवि के छात्रों का आना जाना लगा रहता है। जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। वहीं सड़क किनारे दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। धूल और खराब रास्ते के कारण ग्राहक दुकानों तक पहुंचने से कतरा रहे हैं।
समस्या की जड़
दिल्ली रोड की बदहाली के पीछे सबसे बड़ी वजह बार-बार की जा रही खुदाई और अधूरा निर्माण कार्य है। कभी यह सड़क सीवरेज पाइप लाइन बिछाने के नाम पर खोदी गइर तो कभी बनाने के बाद फर लाइन बिछाई गई। एक बार बनाई भी, लेकिन वो भी हिचकोलदार। यह सड़क कई जगहों से धंसी हुई है। वाहन गुजरते हैं तो लहराकर चलते हैं, हिचकोले खाते हुए। इस सड़क का लेवल ही सही नहीं है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का भी ध्यान नहीं रखा गया, जिसके चलते सड़क कुछ ही समय में फिर खराब हो जाती है। विभागों के बीच तालमेल की कमी भी स्थिति को और बिगाड़ रही है।
बढ़ती परेशानियां
सड़क के सिंगल लेन में तब्दील होने से ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। वाहन चालक जल्दबाजी में रोंग साइड का सहारा ले रहे हैं, जिससे पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। धूल के गुबार के बीच राहगीरों को निकलना मुश्किल हो गया है। दुकानदारों और स्थानीय निवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
हादसों का खतरा
खराब सड़क और अव्यवस्थित ट्रैफिक के कारण यहां हर समय हादसों की आशंका बनी रहती है। आमने-सामने से गुजरते वाहनों के चलते टक्कर का खतरा बढ़ गया है। दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा जोखिम में हैं, जबकि रात के समय यह खतरा और गंभीर हो जाता है। स्कूली बच्चों और कॉलेज छात्रों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में खास चिंता देखी जा रही है।
स्वास्थ्य पर असर
सड़क से उठने वाली धूल ने आसपास के लोगों की सेहत पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। स्थानीय दुकानदारों और निवासियों को सांस संबंधी दिक्कतें, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय तक इस स्थिति के बने रहने से स्वास्थ्य संबंधी खतरे और बढ़ सकते हैं।
लोगों की मांग
स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण किया जाए और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच हो। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं, ताकि हादसों पर रोक लग सके। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
दुकानदार की प्रतिक्रिया
- सड़क टूटने के बाद ग्राहक आना कम हो गया है। धूल से सामान खराब हो रहा है, लेकिन प्रशासन बेपरवाह है। –संजय कुमार, किराना दुकानदार
- कई महीनों से सड़क उखड़ी पड़ी है। काम शुरू कर बीच में छोड़ दिया गया। रोज हादसे हो रहे हैं, कोई सुनवाई नहीं हो रही। –राजेश हार्डवेयर व्यापारी
- पहले यहां रौनक रहती थी, अब लोग रुकते ही नहीं। खराब सड़क और धूल ने सब बिगाड़ दिया है। – महावीर सिंह चाय स्टॉल संचालक
- वीआईपी मूवमेंट के समय सब ठीक दिखता है, लेकिन आम जनता रोज परेशान है। यही हाल रहा तो दुकान बंद करनी पड़ेगी। – अनिल मोबाइल शॉप मालिक

