कविता.रोहतक: बुजुर्गों को अब अपनी पेंशन जारी रखने के लिए नवंबर में वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा करवाना होगा। जिला खजाना कार्यालय ने इसके लिए नाम के पहले अक्षर के हिसाब से तारीखें भी तय कर दी हैं।
व्यवस्था ऑनलाइन भी है, लेकिन असली परेशानी उन बुजुर्गों के सामने खड़ी हो सकती है, जो तकनीक से दूर हैं, जिनके पास जरूरी दस्तावेज नहीं हैं या जो घर में अकेले रहते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जिन बुजुर्गों के पास जन्म प्रमाण पत्र तक नहीं है, वे इसे बनवाने की प्रक्रिया कैसे पूरी करेंगे। सरकारी आदेश अपनी जगह हैं, लेकिन जमीन पर इन औपचारिकताओं को पूरा करना कई बुजुर्गों के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं होगा।
पेंशन के लिए नवंबर में देना होगा जीवन का सबूत, तारीखें भी तय
हरियाणा सरकार से पेंशन प्राप्त करने वाले रोहतक जिला खजाना कार्यालय और उसके अधीनस्थ उप-खजाना कार्यालयों के सभी पेंशनधारकों को नवंबर में वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा करवाना अनिवार्य होगा। जिला खजाना अधिकारी शुभम ने बताया कि नाम के पहले अक्षर के अनुसार प्रमाण पत्र जमा करवाने की तारीखें निर्धारित की गई हैं। ए से आई तक नाम वालों के लिए 2 से 12 नवंबर, जे से आर तक नाम वालों के लिए 13 से 21 नवंबर और एस से जेड तक नाम वालों के लिए 23 से 30 नवंबर का समय तय किया गया है। विभाग का कहना है कि निर्धारित अवधि में प्रमाण पत्र जमा करवाने से पेंशन का भुगतान सुचारू रूप से जारी रखने में मदद मिलेगी।
जिनके पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं, वे कहां से लाएं दस्तावेज
नियमों और औपचारिकताओं के बीच सबसे बड़ा सवाल उन बुजुर्गों को लेकर है, जिनके पास जन्म प्रमाण पत्र या जन्मतिथि से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। उम्र के उस पड़ाव पर, जब कई लोगों के लिए सरकारी दफ्तरों तक पहुंचना ही मुश्किल हो जाता है, तब पुराने रिकॉर्ड जुटाना और दस्तावेज बनवाने की प्रक्रिया परेशानी बढ़ा सकती है। कई बुजुर्गों को यह भी जानकारी नहीं होती कि जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कहां संपर्क करना है और कौन से कागजात चाहिए। ऐसे में जरूरी है कि विभाग स्पष्ट करे कि जिन पेंशनधारकों के पास संबंधित दस्तावेज नहीं हैं, वे अपनी पहचान और आवश्यक औपचारिकताएं किस वैकल्पिक प्रक्रिया से पूरी कर सकते हैं।
घर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों के लिए कौन बनेगा सहारा
हर बुजुर्ग के घर में बेटा-बेटी या परिवार का कोई सदस्य मौजूद हो, यह जरूरी नहीं। कई बुजुर्ग अकेले रहते हैं और अपने छोटे-बड़े काम खुद ही संभालते हैं। ऐसे में ऑनलाइन आवेदन करना, मोबाइल में एप डाउनलोड करना, दस्तावेज जुटाना और जरूरत पड़ने पर सरकारी कार्यालय पहुंचना उनके लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। जिन बुजुर्गों को तकनीक की जानकारी नहीं है या जिनकी मदद के लिए कोई उपलब्ध नहीं रहता, उनके सामने तय समय में प्रमाण पत्र जमा करवाने का दबाव भी रहेगा। ऐसे पेंशनधारकों के लिए सहायता केंद्र, मार्गदर्शन और जरूरत के अनुसार सहयोग की व्यवस्था बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।
मोबाइल से घर बैठे प्रमाण पत्र, लेकिन क्या हर बुजुर्ग कर पाएगा इस्तेमाल
पेंशनधारक घर बैठे ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र जमा करवाने के लिए मोबाइल में एम आधार आरडी फेस और जीवन प्रमाण एप्लीकेशन डाउनलोड कर सकते हैं। इसका उद्देश्य कार्यालयों के चक्कर कम करना और प्रक्रिया को आसान बनाना है। हालांकि, स्मार्टफोन चलाने, एप डाउनलोड करने और डिजिटल प्रक्रिया पूरी करने की जानकारी हर बुजुर्ग के पास नहीं होती। जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है या जो तकनीकी प्रक्रिया समझने में असमर्थ हैं, उन्हें सहायता की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में ऑनलाइन सुविधा के साथ-साथ ऑफलाइन विकल्प और स्पष्ट मार्गदर्शन भी बुजुर्गों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
फैमिली पेंशन वालों के लिए अविवाहित प्रमाण पत्र भी जरूरी
केवल फैमिली पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनधारकों को अपना अविवाहित प्रमाण पत्र जिला खजाना कार्यालय रोहतक में जमा करवाना अनिवार्य है। विभाग ने सभी पेंशनधारकों से निर्धारित तारीखों के अनुसार जीवन प्रमाण पत्र जमा करवाने की अपील की है। अब जरूरत इस बात की है कि जिन बुजुर्गों के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं, उनके लिए प्रक्रिया को समझना और पूरा करना आसान बनाया जाए। पेंशन उनके रोजमर्रा के खर्च और जीवनयापन का अहम सहारा होती है। इसलिए दस्तावेजों की कमी, तकनीकी जानकारी का अभाव या अकेले रहने की मजबूरी किसी बुजुर्ग के लिए अनावश्यक परेशानी न बने, इसके लिए समय रहते सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध करवाना जरूरी है।

