रोहतक : हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष ईश्वर सिंह पलाका, उपाध्यक्ष डाॅ भारत भूषण टाक तथा सदस्यों मोहित वाल्मीकि, चंद्र प्रकाश बोस्ती ने जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों के साथ सफाई कर्मचारियों की सुविधाओं बारे चर्चा की। उपायुक्त सतबीर सिंह जिला प्रशासन द्वारा सफाई कर्मचारियों को उपलब्ध करवाई गई सुविधाओं व सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली।
आयोग के अध्यक्ष ईश्वर सिंह पलाका ने आयोग की टीम के साथ स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में उपायुक्त सतबीर सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार, नगर निगम की संयुक्त आयुक्त नमिता सिंह के साथ सफाई कर्मचारियों को दी जा रही सुविधाओं पर विचार विमर्श किया।
उपायुक्त सतबीर सिंह ने हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष व टीम के सदस्यों का अभिवादन करते हुए कहा कि जिला प्रशासन द्वारा सरकार की हिदायतों अनुसार सफाई कर्मचारियों को सभी सुविधाएं व सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच भी नियमानुसार करवाई जा रही है।
ईश्वर सिंह पलाका ने कहा कि सरकार द्वारा सफाई कर्मचारियों एवं चौकीदारों के कल्याण के लिए अनेक फैसले लिये गये है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी शहरी क्षेत्र में तैनात सफाई कर्मचारियों, ग्रामीण सफाई कर्मचारियों एवं चौकीदारों को निर्धारित न्यूनतम वेतन हर माह की 7 तारीख तक उपलब्ध करवाए ताकि वे अपने परिवारों का भरण पोषण कर सके।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को सरकार की हिदायतों अनुसार ईएसआई कार्ड एवं पीएफ की सुविधा भी नियमित रूप से उपलब्ध करवाई जाए। इन कर्मचारियों को सभी आधुनिक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाने के साथ-साथ त्यौहारों पर बोनस एवं समय-समय पर जोखिम भत्ता का भुगतान भी नियमानुसार करवाया जाए।
आयोग के अध्यक्ष ईश्वर सिंह पलाका ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात सफाई कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में एक्स ग्रेशिया योजना के तहत उनके परिवार के सक्षम व्यक्ति को सफाई कर्मचारी तैनात किया जाए। खंड स्तर पर इन कर्मचारियों की शिकायतों की सुनवाई के लिए कर्मचारी तैनात किया जाए तथा किसी भी प्रकार की समस्या का 15 दिन में निपटारा करवाया जाये। शहरी क्षेत्रों में सफाई कर्मचारियों का भारतीय स्टेट बैंक में खाते खुलवाकर बीमा करवाया जाए तथा इन कर्मचारियों के आयुष्मान कार्ड जारी करवाए जाए। हर 6 माह में स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित कर सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य की जांच करवाई जाए। सीवर या गंदे नालों में सफाई के लिए किसी भी कर्मचारी को सीधे न उतारा जाए। इनकी सफाई केवल आधुनिक मशीनों से ही करवाई जाए।
ईश्वर सिंह पलाका ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र, सरकारी विद्यालयों में सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने के लिए प्रस्ताव तैयार किये जाये। सफाई कर्मचारी यूनियन प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की जाए। नगर पालिका एवं नगर निगम द्वारा कार्य स्थल व हाजिरी बिंदुओं पर महिला सफाई कर्मचारियों के लिए चेंजिंग रूम, बैठने के लिए शेड, शौचालय के अलावा पीने के पानी की व्यवस्था भी की जाए। सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे सफाई कर्मचारियों के बच्चों का डाटा तैयार किया जाये ताकि उन्हें विशेष छात्रवृति व व्यावसायिक प्रशिक्षण योजनाओं से जोडा जा सके।
अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने आयोग को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन सभी हिदायतों का गंभीरता से पालन करेगा। इन कर्मचारियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करवाया जायेगा।
बैठक में नगराधीश शुभम, पुलिस उपाधीक्षक दलीप सिंह, सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता सतपाल दलाल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल, सिविल सर्जन डाॅ कमला वर्मा, परिवहन महाप्रबंधक नवीन कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

