Friday, October 30, 2026
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चर्चित रिश्वत मामले में एटीपी नेहरा के बाद अब दो और आरोपियों को अदालत से मिली राहत

कविता.रोहतक : नगर निगम के तत्कालीन असिस्टेंट टाउन प्लानर (एटीपी) जितेंद्र नेहरा पर लगे 20 लाख रुपये की रिश्वत के आरोपों से जुड़े चर्चित मामले में अब पूरा मामला ही नया मोड़ ले चुका है। पहले एटीपी जितेंद्र नेहरा को अदालत से राहत मिली और अब उनके साथ आरोपी बनाए गए आर्किटेक्ट त्रिलोक चंद और शिकायतकर्ता के बेटे रितेश को भी डिस्चार्ज कर दिया गया है।

सेशन जज अजय तेवतिया की अदालत ने 29 अक्टूबर को दोनों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं पाया। अदालत के इस फैसले के बाद रिश्वत के इस मामले में तीनों आरोपियों को राहत मिल चुकी है।

पहले एटीपी को मिली थी राहत

इस मामले में नगर निगम के तत्कालीन एटीपी जितेंद्र नेहरा को 12 नवंबर 2025 को ही अदालत डिस्चार्ज कर चुकी है। उनके खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक मंजूरी नहीं मिलने के चलते उन्हें राहत मिली थी। अब करीब एक साल बाद मामले के अन्य दो आरोपियों को भी अदालत ने डिस्चार्ज कर दिया है।

40 लाख की रिश्वत मांगने का लगाया था आरोप

मामले की शुरुआत शिकायतकर्ता राजेश पूनिया की शिकायत से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उसने बोहर में न्यू बाईपास पर करीब 9 एकड़ जमीन लेकर सुचा सिंह एन्क्लेव के नाम से कॉलोनी विकसित की थी। कॉलोनी को लेकर नगर निगम की कार्रवाई के दौरान तत्कालीन एटीपी जितेंद्र नेहरा पर 40 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया। बाद में कथित तौर पर 20 लाख रुपये में सौदा तय होने की बात सामने आई थी।

10 लाख रुपये लेते पकड़ा गया था आर्किटेक्ट

शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने 31 मई 2023 को मामला दर्ज किया था। ट्रैप कार्रवाई के दौरान आर्किटेक्ट त्रिलोक शर्मा को कथित तौर पर 10 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद एटीपी जितेंद्र नेहरा को भी गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान शिकायतकर्ता के बेटे रितेश को भी आरोपी बनाया गया था। मामला दर्ज होने के बाद से यह केस शहर में चर्चित रहा।

अदालत ने तीनों धाराओं में नहीं पाया आरोप का आधार

29 अक्टूबर 2026 को दिए आदेश में अदालत ने त्रिलोक चंद और रितेश को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7-ए और 13 तथा IPC की धारा 120-बी और 201 के तहत आरोपों से डिस्चार्ज कर दिया। अदालत ने माना कि इन धाराओं के तहत आरोप तय करने के लिए उनके खिलाफ पर्याप्त आधार नहीं बनता। इसके साथ ही दोनों के जमानत और जमानती बांड भी डिस्चार्ज कर दिए गए।

3 साल से ज्यादा चला मामला, अब तीनों आरोपी बाहर

31 मई 2023 को दर्ज हुए इस मामले में अब तक तीनों आरोपियों को अदालत से राहत मिल चुकी है। पहले एटीपी जितेंद्र नेहरा डिस्चार्ज हुए और अब त्रिलोक चंद व रितेश को भी आरोपों से मुक्त कर दिया गया है। इस फैसले के बाद 20 लाख रुपये की कथित रिश्वत से जुड़े इस चर्चित मामले में अभियोजन पक्ष के लिए आगे की स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है।

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