- शहर के प्रमुख मार्गों पर गड्ढों की भरमार, सेक्टरों से लेकर कॉलोनियों तक लोग रोज झेल रहे परेशानी
कविता.रोहतक : रोहतक शहर की कई प्रमुख सड़कें इन दिनों बदहाली की तस्वीर पेश कर रही हैं। जगह-जगह बने गड्ढे, उखड़ी हुई सड़कें और अधूरा निर्माण लोगों के लिए रोजाना परेशानी का कारण बन गया है। सबसे ज्यादा दिक्कत उन इलाकों में है, जहां से हजारों लोग रोज नौकरी, स्कूल, कॉलेज और बाजार के लिए गुजरते हैं।
बरसात के मौसम में इन सड़कों पर पानी भरने के बाद गड्ढे दिखाई नहीं देंगे, जिससे हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा। शहर में एलिवेटेड ट्रैक के पास बजरंग भवन रेलवे फाटक से सेक्टर-5 तक का मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में है। इसी तरह सेक्टर-1, सेक्टर-2 के सोनीपत रोड प्रवेश मार्ग, सेक्टर-3 और सेक्टर-4 की मुख्य सड़कें तथा आंतरिक गलियां भी टूट चुकी हैं। चिन्योट कॉलोनी से सेक्टर-6 तक समानांतर सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं, जबकि शीतल नगर की गलियों में वाहन निकालना भी मुश्किल हो गया है। तहसील के सामने और पुराने पुल के आसपास की सड़कें भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं।
रोजाना दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कई जगह सड़क की ऊपरी परत उखड़ चुकी है, जिससे वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
बारिश आई तो गड्ढे बनेंगे हादसों का जाल
बरसात शुरू होने के साथ ही इन सड़कों की हालत और खराब होने की आशंका है। पानी भरने के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देंगे और दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा हादसों का शिकार हो सकते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और पैदल राहगीरों के लिए भी यह रास्ते जोखिम भरे बन जाएंगे।
सेक्टरों की सड़कें विकास के दावों पर सवाल
सेक्टर-1 से लेकर सेक्टर-4 तक कई जगह सड़कें टूटी हुई हैं। मुख्य मार्गों के साथ-साथ आंतरिक सड़कें भी खराब होने से स्थानीय निवासियों को हर दिन परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि नई कॉलोनियों के विकास के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाएं आज भी अधूरी हैं।
कॉलोनियों में सफर नहीं, रोज की परीक्षा
चिन्योट कॉलोनी से सेक्टर-6 तक की समानांतर सड़क और शीतल नगर की गलियां लंबे समय से बदहाल हैं। वाहन चालकों को गड्ढों से बचते हुए निकलना पड़ता है। बारिश के दौरान यहां जलभराव होने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है।

वाहन लेकर गुजरना मुश्किल
बजरंग भवन रेलवे फाटक से सेक्टर-5 तक सड़क की हालत काफी समय से खराब है। दोपहिया वाहन लेकर निकलना मुश्किल हो जाता है। बारिश में गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे पता ही नहीं चलता कि सड़क कहां ठीक है और कहां गड्ढा है। कई बार हादसे होते-होते बचे हैं। -सविता देवी (स्थानीय निवासी)
स्कूल जाने में दिक्कत
हमें स्कूल और बाजार जाने में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। बारिश के दिनों में सड़क पर इतना पानी भर जाता है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। टूटी सड़क की जल्द मरम्मत होनी चाहिए।– गंगोत्री

लंबे समय से टूटी सड़क
सेक्टर और कॉलोनियों की सड़कें लंबे समय से उखड़ी हुई हैं। हर दिन झटके खाते हुए निकलना पड़ता है। बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। बरसात में यह समस्या और बढ़ जाती है।– राजरानी, सेक्टर–1
हर साल दावा, लेकिन होता कुछ नहीं
हर साल बारिश से पहले सड़कें ठीक करने की बात होती है, लेकिन हालात वही रहते हैं। गड्ढों में पानी भरने से हादसों का डर बना रहता है। प्रशासन को बरसात के दौरान लोगों की परेशानी समझते हुए जल्द काम कराना चाहिए।-विजय कुमार, हाउसिंग बोर्ड


