कविता.रोहतक
रोहतक में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉइड और अस्थमा जैसी क्रॉनिक बीमारियों के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) की ओपीडी में हर महीने इन बीमारियों के नए मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। लंबे समय तक दवा लेने की मजबूरी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले डिस्काउंट के कारण अब जिले के कई मरीज घर बैठे दवाएं मंगाने लगे हैं।
हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे लेकर सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि ऑनलाइन दवा खरीदना हर स्थिति में सुरक्षित नहीं होता। बिना डॉक्टर की सलाह, केवल सस्ती कीमत या ऑफर देखकर दवा खरीदना मरीज की सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। कई बार गलत ब्रांड, गलत डोज, एक्सपायरी के करीब या अनुचित तरीके से स्टोर की गई दवा मिलने का खतरा भी रहता है।
पीजीआई के चिकित्सकों का कहना है कि डायबिटीज, बीपी, थायरॉइड और अस्थमा जैसी बीमारियों में मरीज की स्थिति के अनुसार समय-समय पर दवा और उसकी मात्रा बदलनी पड़ती है। यदि मरीज लंबे समय तक पुरानी पर्ची के आधार पर ऑनलाइन दवा मंगाता रहता है और नियमित जांच नहीं कराता तो बीमारी नियंत्रण से बाहर हो सकती है।
जिला औषधी नियंत्रक डॉ. मनदीप मान का कहना है कि ऑनलाइन दवा केवल लाइसेंस प्राप्त प्लेटफॉर्म से ही खरीदनी चाहिए और वह भी डॉक्टर के वैध प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर। दवा की पैकेजिंग, बैच नंबर और एक्सपायरी की जांच करना भी जरूरी है। केवल डिस्काउंट के लालच में दवा खरीदना भविष्य में महंगा पड़ सकता है।
पीजीआई की ओपीडी में बढ़ रहे क्रॉनिक मरीज
पीजीआईएमएस रोहतक की मेडिसिन और एंडोक्राइन विभाग की ओपीडी में हर महीने डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉइड और अस्थमा के नए मरीजों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सकों के अनुसार बदलती जीवनशैली, तनाव, जंक फूड, मोटापा और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। समय पर जांच और नियमित दवा से ही इन बीमारियों को नियंत्रित रखा जा सकता है।
ऑनलाइन दवा खरीदने के बड़े नुकसान
- नकली या घटिया गुणवत्ता की दवा मिलने का खतरा।
- गलत डोज या गलत ब्रांड मिलने की संभावना।
- एक्सपायरी के करीब या गलत तरीके से स्टोर की गई दवा मिल सकती है।
- बिना डॉक्टर की सलाह दवा बदलने का जोखिम।
- दवा के साइड इफेक्ट की सही जानकारी नहीं मिलती।
- बीमारी के अनुसार दवा की डोज समय पर अपडेट नहीं हो पाती।
- गलत दवा से किडनी, लिवर और हृदय पर असर पड़ सकता है।
रोहतक के मरीज क्यों बरतें अतिरिक्त सावधानी
रोहतक और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में मरीज पीजीआई में इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें कई मरीज वर्षों से डायबिटीज, बीपी और थायरॉइड की दवाएं ले रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मरीज नियमित जांच कराए बिना सिर्फ पुरानी पर्ची के आधार पर ऑनलाइन दवा मंगाने से बचें।
दवा खरीदते समय रखें ये सावधानियां
- डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न बदलें।
- केवल लाइसेंस प्राप्त और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से ही दवा खरीदें।
- दवा का नाम, डोज, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट जांचें।
- पैकेजिंग क्षतिग्रस्त हो तो दवा का इस्तेमाल न करें।
- किसी भी परेशानी या साइड इफेक्ट पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डिस्काउंट के लालच में न करें सेहत से समझौता
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले ऑफर और छूट मरीजों को आकर्षित करते हैं, लेकिन दवा कोई सामान्य उत्पाद नहीं है। गलत दवा से बीमारी बढ़ सकती है और बाद में इलाज पर कहीं अधिक खर्च करना पड़ सकता है।
जिला औषधी नियंत्रक डॉ. मनदीप मान ने बताया कि डायबिटीज, बीपी, थायरॉइड और अस्थमा के मरीज नियमित फॉलोअप कराते रहें। दवा में कोई भी बदलाव केवल डॉक्टर की सलाह से करें। यदि ऑनलाइन दवा खरीदनी भी पड़े तो पहले प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता, लाइसेंस और दवा की गुणवत्ता की पूरी जांच करें। वैसे ऑनलाइन दवाएं खरीदना कई बार सेहत के लिए महंगा पड़ सकता है।


