Wednesday, April 24, 2024
Homeहरियाणारोहतकरोहतक कंज्यूमर कोर्ट का फैसला, कंपनी का प्रोडक्ट बता नहीं बच सकता...

रोहतक कंज्यूमर कोर्ट का फैसला, कंपनी का प्रोडक्ट बता नहीं बच सकता दुकानदार,ब्याज सहित देनी होगी राशि

रोहतक। रोहतक जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने फैसला दिया है कि कंपनी का उत्पाद बताकर दुकानदार या व्यापारी यह कहकर नहीं बच सकता है कि वारंटी कंपनी ने दी है। आयोग ने एलईडी बेचने वाले दुकानदार और फर्म पर न केवल 10 हजार रुपये जुर्माना व हर्जाना लगाया है, बल्कि लागत राशि 9 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है।

सर्विस सेंटर की टीम ने किया था दौरा

महम चौबीसी के गांव भैणी सूरजन निवासी धर्मपाल ने 18 मार्च 2018 को डी पार्क स्थित दुकान से 32 हजार 990 रुपये में एक एलईईडी खरीदी थी, इसकी दो साल की वारंटी दी गई। कुछ समय बाद एलईडी खराब हो गई। उसने कंपनी के टोल फ्री नंबर पर शिकायत की। उसे सर्विस सेंटर का नंबर मिला। सर्विस सेंटर की टीम ने घर का दौरा किया और बताया कि एलईडी में सॉफ्टवेयर की समस्या है और अपने साथ ले गए। साथ ही 20 हजार रुपये चार्ज मांगा।

सर्विस सेंटर संचालक, दुकानदार और फर्म को भेजा नोटिस

धर्मपाल ने कहा कि अभी दो साल की वारंटी है, लेकिन सर्विस सेंटर कर्मचारी नहीं माना। उसने कई बार शिकायत दी, लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ा। आखिर में उपभोक्ता ने आयोग का दरवाजा खटखटाया और मांग की कि उसे एलईईडी की कीमत 32 हजार 990 रुपये की राशि वापस लौटाने के साथ-साथ 50 हजार रुपये मुआवजा व 11 हजार रुपये कानूनी खर्च के तौर पर दिलवाए जाएं। आयोग ने सर्विस सेंटर संचालक, दुकानदार के साथ फर्म को भी नोटिस भेजा, जहां से माल आया था। सर्विस सेंटर संचालक ने जवाब नहीं दिया। दुकानदार व फर्म के जवाब से आयोग संतुष्ट नहीं हुआ।

वारंटी की समय सीमा के अंदर खराब हुई एलईडी

आयोग ने फैसला सुनाते हुए कहा है कि दस्तावेजों का अध्ययन किया है। एलईडी वारंटी की समय सीमा के अंदर खराब हुई है। सर्विस सेंटर संचालक ने 20 हजार रुपये मांगे, जबकि दुकानदार और फर्म ने अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की। विक्रेता का यह मुख्य कर्तव्य है कि वह बिल या वारंटी कार्ड में निर्माता का पता अंकित करे। साथ ही बेचे गए उत्पाद के सेवा केंद्र के बारे में जानकारी दे। ऐसे में दुकानदार व फर्म संयुक्त रूप से एलईईडी की लागत राशि 32 हजार 990 रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित उपभोक्ता को वापस करे। सेवा में कमी के कारण मुआवजे के तौर पर 5 हजार रुपये व कानूनी खर्च के तौर पर 5 हजार रुपये का भुगतान करें। दुकान व फर्म एलईडी की निर्माता कंपनी से राशि वसूल करने के लिए स्वतंत्र है।

जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के चेयरमैन नगेंद्र सिंह कादयान ने कहा कि कई बार विक्रेता कंपनी का उत्पाद बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है। केस में विक्रेता और फर्म ने जिम्मेदारी पूरी नहीं की इसलिए उपभोक्ता को लागत राशि ब्याज सहित लौटाने का फैसला दिया है।

- Advertisment -
RELATED NEWS

Most Popular