रोहतक : उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा के जिला से गुजरने वाले राज्य व राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ-साथ हरित पट्टी में अवैध निर्माण हटाने के निर्देशों की अनुपालना में जिला प्रशासन द्वारा जिला के नागरिकों, भू-मालिकों व अवैध निर्माण करने वालों को जिला में हरित पट्टी से एक सप्ताह के भीतर स्वयं अनाधिकृत निर्माण हटाने की चेतावनी जारी की है।
धीरेंद्र खड़गटा के निर्देशानुसार जारी आदेशों में जिला की हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) क्षेत्रों विशेषकर रोहतक-सांपला राष्ट्रीय राजमार्ग, पानीपत-रोहतक-मायना आउटर बाईपास और सेक्टर 7/37 विभाजक सड़कों के आस-पास अवैध रूप से निर्मित मकानों और संरचनाओं को एक सप्ताह के भीतर खाली करने और हटाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला नगर योजनाकार कार्यालय द्वारा इस संदर्भ में आवश्यक नोटिस जारी किए जा चुके है।
हरित पट्टी और अन्य संरक्षित क्षेत्रों में अवैध निर्माण से बचें
उपायुक्त ने जिला के नागरिकों का आह्वान किया है कि वे हरित पट्टी और अन्य संरक्षित क्षेत्रों में अवैध निर्माण से बचें। जिला प्रशासन द्वारा नियमित अंतराल पर ऐसे निर्माणों को गिराने का अभियान चलाया जाएगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संदर्भ में उपायुक्त कार्यालय के दूरभाष 01262-250252 व ईमेल dcroh@hry.nic.in पर संपर्क किया जा सकता है। नागरिक अपनी पूंजी को अवैध निर्माण या कालोनियों में निवेश करने से पहले जिला नगर योजनाकार के कार्यालय से व्यक्तिगत रूप से अथवा दूरभाष 01262-285785 पर संपर्क करके सभी आवश्यक जानकारी प्राप्त करें।
नोटिस जारी किए गए
जिला नगर योजनाकार सुमनदीप की ओर से जारी नोटिस के अनुसार जिला की हरित पट्टी में अवैध रूप से निर्मित मकानों और संरचनाओं की जानकारी प्राप्त हुई है। यह निर्माण पर्यावरणीय संतुलन और शहरी योजना के नियमों के विरुद्ध है। संबंधित भू-मालिकों और निर्माणकर्ताओं को नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिसमें उन्हें एक सप्ताह के भीतर अवैध निर्माण को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर अवैध निर्माण को नहीं हटाया जाता है तो जिला प्रशासन द्वारा इन संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया जाएगा। इस कार्यवाही में कोई ढील नहीं दी जाएगी। अवैध निर्माण करने वाले और उन्हें बनाए रखने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी, जिसमें जुर्माना और अन्य दंडात्मक उपाय शामिल होंगे।