- सेक्टर-1, 2 और 3 की मार्केट को जोड़ने वाली सड़क बदहाली की मिसाल बनी
- जलभराव और गड्ढों से दुकानदारों, ग्राहकों व राहगीरों की बढ़ी मुश्किलें
कविता.रोहतक : शहर के सेक्टर-1, सेक्टर-2 और सेक्टर-3 की मार्केट को जोड़ने वाली सर्विस रोड पिछले कई वर्षों से बदहाल पड़ी है। सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि हल्की बारिश भी इसे कीचड़ और जलभराव में बदल देती है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों को दुर्घटना का डर सताता रहता है, जबकि पैदल चलने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।
मार्केट से जुड़े लोगों का कहना है कि सड़क की बदहाली अब केवल असुविधा नहीं बल्कि कारोबार और सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर संकट बन चुकी है। सड़क का निर्माण होने के कुछ वर्षों बाद ही इसकी परत उखड़नी शुरू हो गई थी। समय के साथ हालात और बिगड़ते गए, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। परिणाम यह है कि आज यह सड़क शहर की सबसे खराब सड़कों में शामिल हो चुकी है।

बारिश आते ही सड़क बन जाती है तालाब
मानसून के दिनों में सड़क की तस्वीर सबसे अधिक चिंताजनक हो जाती है। सड़क पर पानी जमा हो जाता है, जिससे यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि गड्ढा कहां है और सड़क कहां। कई बार वाहन चालक जलभराव के कारण संतुलन खो बैठते हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। घंटों तक पानी भरा रहने से लोगों को बाजार तक पहुंचने में भी दिक्कत होती है।
ग्राहक लौट रहे, दुकानदारों पर पड़ रहा असर
सड़क की खराब स्थिति का सीधा असर बाजार की गतिविधियों पर दिखाई दे रहा है। कई ग्राहक वाहन लेकर आने से बचते हैं, जबकि बाहर से आने वाले लोग भी जलभराव देखकर वापस लौट जाते हैं। दुकानदारों का कहना है कि बरसात के मौसम में कारोबार पर सबसे अधिक असर पड़ता है। बाजार तक पहुंचने में परेशानी होने के कारण ग्राहकों की संख्या घट जाती है और व्यापार प्रभावित होता है।
गड्ढों से बढ़ा हादसों का खतरा
सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे लगातार हादसों को न्योता दे रहे हैं। रात के समय और बरसात के दौरान यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है। जलभराव के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते और दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा जोखिम में रहते हैं। दुकानदारों अनिल, निरंकार, गोकुल आदि का कहना है कि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।
विकास योजनाओं के बीच अटका निर्माण कार्य
क्षेत्र की सड़कों के सुधार के लिए योजनाएं और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद सर्विस रोड का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। सड़क के बीच से गुजरने वाली भूमिगत पाइपलाइन और अन्य तकनीकी कार्यों के कारण निर्माण प्रक्रिया लंबे समय से अटकी हुई बताई जा रही है। इसी वजह से सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई और लोगों को राहत नहीं मिल पाई।
शहर की बढ़ती आबादी, लेकिन सड़क वहीं की वहीं
सेक्टर-1, 2 और 3 का इलाका लगातार विकसित हो रहा है। यहां बाजार, आवासीय क्षेत्र और वाहनों की संख्या पहले की तुलना में काफी बढ़ चुकी है। इसके बावजूद मुख्य संपर्क सड़क की हालत वर्षों से नहीं सुधरी। बढ़ते ट्रैफिक दबाव के कारण सड़क और तेजी से टूटती गई, लेकिन उसके अनुरूप मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं हो सका।
मानसून से पहले सुधार की उम्मीदें फिर जगीं
हर वर्ष बरसात से पहले सड़क सुधार के दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश शुरू होते ही पुराने हालात सामने आ जाते हैं। इस बार भी लोगों को उम्मीद है कि सड़क निर्माण और मरम्मत का कार्य जल्द शुरू होगा ताकि आने वाले दिनों में बाजार, राहगीरों और वाहन चालकों को राहत मिल सके। फिलहाल लोग इस इंतजार में हैं कि वर्षों पुरानी यह समस्या आखिर कब खत्म होगी।

