Tuesday, May 19, 2026
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“म्हारी सड़क एप” की समीक्षा : CM सैनी ने शिकायतों पर लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश

चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित होने वाली जनपरिवाद बैठकों तथा उपायुक्तों द्वारा ली जाने वाली मासिक समीक्षा बैठक में “म्हारी सड़क एप” पर प्राप्त कम से कम एक बड़ी शिकायत की अनिवार्य रूप से समीक्षा की जाए। इसका उद्देश्य एप की उपयोगिता बढ़ाना तथा शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को सचिवालय में “म्हारी सड़क एप” से संबंधित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि “म्हारी सड़क एप” के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए। विशेष रूप से एग्रीगेटर कंपनियों जैसे ओला और उबर से जुड़े टैक्सी चालकों को भी ऐप के लाभ बताए जाएं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के आरटीओ कार्यालयों में टैक्सी पासिंग के लिए आने वाले चालकों के मोबाइल में भी यह एप डाउनलोड करवाया जाए, ताकि वे प्रदेश की सड़कों की स्थिति से संबंधित जानकारी सीधे सरकार और विभागों तक पहुंचा सकें।

एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने और अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने “म्हारी सड़क एप” और मुख्यमंत्री कार्यालय से भेजी गई सड़क संबंधी शिकायतों पर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि डीएलपी (डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड) के तहत कोई ठेकेदार सड़क की मरम्मत नहीं करता है, तो उसकी बैंक गारंटी जब्त की जाए। यदि किसी फर्म पर तीन बार ऐसी कार्रवाई होती है, तो उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाए। बैठक में भिवानी, हिसार, फतेहाबाद, रोहतक, गुरुग्राम, करनाल और पानीपत जिलों की कुछ ऐसी शिकायतों का भी उल्लेख किया गया, जिन्हें संबंधित विभागों द्वारा अपने क्षेत्राधिकार से बाहर बताकर बार-बार दूसरे विभागों को ट्रांसफर किया गया। लंबित पड़ी इन शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री ने एक दर्जन से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

शॉर्ट-टाइम टेंडर और बॉर्डर क्षेत्रों पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि “म्हारी सड़क एप” पर आने वाली शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर तुरंत किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में टेंडर प्रक्रिया में अक्सर अधिक समय लग जाता है, इसलिए अब शॉर्ट-टाइम टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाए। इसके तहत बिड सबमिशन के 10 दिनों के भीतर कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आमजन को जल्द बेहतर सड़क सुविधाएं मिल सकें। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने हरियाणा के अंतरराज्यीय बॉर्डर क्षेत्रों की सड़कों की विशेष देखभाल, मरम्मत और निर्माण कार्यों पर भी ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी

मुख्यमंत्री ने सड़कों की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलों और दीवारों पर पेंटिंग एवं सौंदर्यीकरण के कार्य भी किए जाएं, ताकि सड़क अवसंरचना अधिक आकर्षक दिखाई दे। साथ ही संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों की सड़कों का नियमित निरीक्षण करें और समय पर रखरखाव सुनिश्चित करें।उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि नई सड़कों के निर्माण से संबंधित सभी कागजी प्रक्रियाएं जनवरी से जुलाई के बीच पूरी कर ली जाएं, ताकि बारिश के मौसम के कारण कार्य प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए और अगर सड़कों के लिए गर्मी का मौसम अनुकूल हो, वहां निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।

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