Wednesday, August 19, 2026
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 14 देशों के विदेशी विद्यार्थियों से किया संवाद

हरियाणा को ‘गो ग्लोबल’ अप्रोच के साथ दुनिया से जोड़ने और युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसरों का विस्तार करने की दिशा में विदेश सहयोग विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को संत कबीर कुटीर में हरियाणा के विभिन्न विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विदेशी विद्यार्थियों के साथ संवाद किया।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उपस्थित विदेशी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और अन्य आधुनिक तकनीकों ने शिक्षा, चिकित्सा, कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर पैदा किए हैं। ऐसे में युवाओं को लगातार सीखते रहने, नई तकनीकों को अपनाने और बदलती दुनिया के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। ‘गो ग्लोबल’ अप्रोच के साथ आगे बढ़ते हुए युवाओं को वैश्विक अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की शुरुआत है।

संवाद कार्यक्रम में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र और महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी मुलाना में पढ़ रहे 14 देशों के विद्यार्थी शामिल हुए।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके अध्ययन और शोध कार्य को लेकर सीधा संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से पूछा कि वे जिस विषय पर शोध कर रहे हैं, उसमें उन्हें क्या नया सीखने को मिला और हरियाणा में उनका अनुभव कैसा रहा। विद्यार्थियों ने भी मुख्यमंत्री के समक्ष अपने अनुभव साझा किए और हरियाणा में शिक्षा, शोध, विश्वविद्यालयों के वातावरण, यहां की संस्कृति और लोगों से जुड़े अपने अनुभवों के बारे में बताया।

हरियाणा सरकार केवल जी टू जी नहीं, हार्ट टू हार्ट संबंधों में विश्वास रखती है : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार केवल जी टू जी यानी सरकार से सरकार के संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि हार्ट टू हार्ट यानी दिल से दिल के जुड़ाव के साथ दुनिया से जुड़ने में विश्वास रखती है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ का संदेश दिया है। उसी को प्रदेश सरकार आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में शिक्षा ग्रहण करने आए विदेशी विद्यार्थी यहां केवल डिग्री लेने नहीं आए हैं, बल्कि हरियाणा की संस्कृति, परंपराओं और यहां के लोगों से जुड़ने का अनुभव भी अपने साथ लेकर जाएंगे। इन विद्यार्थियों के माध्यम से ‘पीपल टू पीपल कनेक्ट’ मजबूत होगा और हरियाणा तथा उनके देशों के बीच आपसी समझ, सहयोग और विश्वास के संबंध और मजबूत होंगे।

अफ्रीकी देशों के विद्यार्थियों के साथ अफगानिस्तान की छात्रा भी शामिल

संवाद कार्यक्रम में अफ्रीकी देशों सहित विभिन्न देशों के विद्यार्थी शामिल हुए। इनमें अफगानिस्तान की एक छात्रा भी शामिल रही, जिसने हरियाणा के एचएयू में पीएचडी पूरी की है, उन्होंने हरियाणा में बिताए 7 साल के अनुभव को सांझा किया, खास बात यह रही कि उनका पूरा संवाद हिन्दी भाषा में रहा। इसके साथ ही अन्य विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने शोध एवं अध्ययन के अनुभव साझा किए और बताया कि हरियाणा में रहते हुए उन्हें अपने विषय के साथ-साथ भारतीय और हरियाणवी संस्कृति को समझने का भी अवसर मिला।

हरियाणा के विद्यार्थियों के लिए यूके में अध्ययन का नया अवसर

विदेश सहयोग विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि हरियाणा के विद्यार्थियों को विदेशों में पढ़ाई और शोध के ज्यादा अवसर देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही हरियाणा के विद्यार्थी यूके की यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए जा सकेंगे और इस संबंध में कार्यक्रम जल्द शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों को विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक सहयोग और एमओयू बढ़ाने पर जोर दिया, इसके लिए वीजा प्रक्रिया को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि इससे हरियाणा के विद्यार्थियों को विदेशों में पढ़ाई और शोध के नए अवसर मिलेंगे।

विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार पवन चौधरी ने कहा कि 14 देशों के विद्यार्थी हरियाणा में शिक्षा और शोध का अनुभव ले रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान विदेश सहयोग विभाग के महानिदेशक अशोक मीणा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिवअजय कुमार, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज, डॉ आशा कवात्रा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से प्रो. दीपक राय, प्रो.संजीव अग्रवाल और डॉ रोशनी, विदेश सहयोग विभाग की संयुक्त निदेशक हिना बिंदलिश सहित विदेशी विद्यार्थी मौजूद थे।

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