कविता रोहतक : शहर में हाल ही में हुई बरसात के बाद डेंगू का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की 17 अगस्त 2026 की दैनिक रिपोर्ट में जिले में डेंगू के तीन केस सामने आ चुके हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक इनमें दो केस शहरी क्षेत्र और एक केस ग्रामीण क्षेत्र से है। इनमें एक महिला और दो पुरुष डेंगू की चपेट में आए हैं। खास बात यह है कि पिछले साल इसी अवधि तक जिले में डेंगू के 205 केस दर्ज हो चुके थे।
नया केस मिलते ही बढ़ी चिंता
17 अगस्त की रिपोर्ट में डेंगू के तीन एक्टिव केस दर्ज किए गए हैं। उत्तम विहार, सुखपुरा चौक, खेड़ी साध और सेक्टर-3 रोहतक में ये मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में मलेरिया और चिकनगुनिया का कोई केस दर्ज नहीं है। हालांकि डेंगू के मामले सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग के सामने मच्छरों की रोकथाम और प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
बरसात के बाद मच्छरों के लिए बना माहौल
रोहतक में हाल ही में हुई बरसात के बाद जगह-जगह पानी जमा होने की स्थिति बनी है। खाली प्लॉट, गड्ढों, निर्माण स्थलों, नालियों और घरों के आसपास जमा पानी मच्छरों के पनपने की वजह बन सकता है। बरसात के बाद यदि इन स्थानों पर समय रहते पानी की निकासी और दवा का छिड़काव नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में डेंगू के मामलों में तेजी आने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पर सवाल
डेंगू के तीन मामले सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्वास्थ्य विभाग की मच्छर जनित बीमारियों को लेकर तैयारियां जमीन पर कितनी प्रभावी हैं। विभाग की ओर से डेंगू को लेकर जागरूकता और सर्वे का दावा किया जाता है, लेकिन बरसात के बाद संवेदनशील इलाकों में मच्छरों के लार्वा की जांच और रोकथाम कितनी तेजी से हो रही है, इसका जवाब जरूरी है। पिछले साल 205 डेंगू केस दर्ज होने के आंकड़े भी विभाग के सामने हैं। ऐसे में शुरुआती चरण में ही सख्ती बरती जाए तो स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता है।
फोगिंग पर भी उठे सवाल
डेंगू के खतरे के बीच नगर निगम की फोगिंग व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। बरसात के बाद जिन इलाकों में पानी जमा हुआ है, वहां फोगिंग और एंटी लार्वा गतिविधियां कितनी नियमित हो रही हैं, इसे लेकर लोगों में सवाल हैं। सिर्फ कागजों में फोगिंग होने के बजाय संवेदनशील कॉलोनियों और उन क्षेत्रों में अभियान चलाने की जरूरत है जहां मच्छरों की संख्या बढ़ने की आशंका ज्यादा है। यदि फोगिंग समय पर और प्रभावी तरीके से नहीं हुई तो आने वाले दिनों में डेंगू का खतरा और बढ़ सकता है।
1979 सैंपल लिए
स्वास्थ्य विभाग की 17 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार रोहतक में इस साल डेंगू के कुल तीन केस सामने आए हैं। इनमें एक केस मार्च और दो केस अगस्त में मिले। अब तक 1979 सैंपल लिए जा चुके हैं। राहत की बात है कि डेंगू से कोई मौत नहीं हुई और तीनों मरीजों का इलाज ओपीडी में हुआ।
नोटिस के आंकड़े भी बढ़ा रहे चिंता
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में वर्ष 2026 में अब तक 959 नोटिस जारी किए जाने का आंकड़ा भी दर्ज है, जबकि पिछले साल यह संख्या 4072 थी। इसके बावजूद डेंगू के तीन मामले सामने आना बताता है कि मच्छरों की रोकथाम को लेकर लगातार निगरानी जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम को मिलकर संवेदनशील इलाकों की पहचान, लार्वा जांच, एंटी लार्वा अभियान, पानी की निकासी और फोगिंग पर जोर देना होगा। बरसात के बाद का समय मच्छरों के प्रजनन के लिहाज से बेहद अहम है। ऐसे में अगर अभी लापरवाही हुई तो आने वाले दिनों में डेंगू के आंकड़े तेजी से बढ़ सकते हैं।


