कविता.रोहतक : पीजीआईएमएस रोहतक में एक कुर्सी की कहानी अब इस्तीफे तक पहुंच गई है। कभी चिकित्सा अधीक्षक की जिम्मेदारी संभालने वाले डॉ. कुंदन मित्तल ने दोबारा इसी पद पर वापसी की, लेकिन उनकी दूसरी पारी कानूनी विवादों के बीच घिर गई। नियुक्ति को लेकर मामला अदालत पहुंचा और सिंगल बेंच से लेकर डबल बेंच तक सुनवाई हुई। आखिरकार डॉ. मित्तल ने चिकित्सा अधीक्षक का पद छोड़ दिया।
अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि पीजीआई में अगला चिकित्सा अधीक्षक कौन होगा, बल्कि यह भी है कि इस्तीफे के बाद डॉ. मित्तल की अगली तैनाती कहां होगी। स्वास्थ्य महकमे में उन्हें इसराना मेडिकल कॉलेज भेजे जाने की चर्चा है। हालांकि, इस संभावित तैनाती पर आधिकारिक मुहर लगना बाकी है। इस घटनाक्रम ने संस्थान की नियुक्तियों और प्रशासनिक फैसलों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
जिस कुर्सी पर दोबारा लौटे, उसी से जाना पड़ा
डॉ. कुंदन मित्तल के लिए चिकित्सा अधीक्षक का पद नया नहीं था। वह पहले भी पीजीआईएमएस में यह जिम्मेदारी संभाल चुके थे। दोबारा नियुक्ति के बाद उनकी वापसी हुई तो यह मामला सामान्य प्रशासनिक बदलाव तक सीमित नहीं रहा। नियुक्ति को लेकर कानूनी सवाल उठे और मामला अदालत तक पहुंच गया। इसके बाद घटनाक्रम तेजी से आगे बढ़ा। जिस पद पर उनकी दोबारा तैनाती हुई थी, आखिरकार उसी पद से उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। अब उनकी इस दूसरी पारी का अंत पीजीआईएमएस के प्रशासनिक घटनाक्रम में चर्चा का विषय बन गया है।
सिंगल से डबल बेंच तक सुनवाई
चिकित्सा अधीक्षक के पद पर दोबारा नियुक्ति को लेकर उठा विवाद न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंच गया। मामले में हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के बाद डबल बेंच में भी सुनवाई हुई। इस कानूनी घटनाक्रम के बीच नियुक्ति को लेकर स्थिति लगातार चर्चा में रही। अदालत के हस्तक्षेप के बाद डॉ. मित्तल ने पद से इस्तीफा दे दिया। इस पूरे मामले ने एक बार फिर अहम प्रशासनिक पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया और नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, अदालत की कार्यवाही और आदेशों का सटीक विवरण संबंधित दस्तावेजों के आधार पर ही स्पष्ट किया जाना चाहिए।
पीजीआई से विदाई के बाद कहां जाएंगे डॉ. मित्तल
इस्तीफे के बाद अब डॉ. मित्तल की अगली तैनाती को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। चर्चा है कि उन्हें इसराना मेडिकल कॉलेज जा सकते हैं। वह पहले भी वहां सेवाएं दे चुके हैं, इसलिए उनके दोबारा वहां जाने की संभावना पर बात हो रही है। यह देखना अहम होगा कि डॉ. मित्तल को नई जिम्मेदारी मिलती है या उनके कार्यभार को लेकर कोई दूसरा निर्णय लिया जाता है।
अब पीजीआई की अगली चाल पर नजर
डॉ. मित्तल के इस्तीफे के बाद पीजीआईएमएस में चिकित्सा अधीक्षक की जिम्मेदारी को लेकर अगला फैसला अहम होगा। संस्थान में यह पद अस्पताल के प्रशासनिक कामकाज और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसे में नए अधिकारी की नियुक्ति केवल पद भरने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था को आगे बढ़ाने से भी जुड़ी है। दूसरी ओर, डॉ. मित्तल की दोबारा नियुक्ति से शुरू हुआ विवाद यह सवाल भी छोड़ गया है कि संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया को किस तरह कानूनी रूप से मजबूत और पारदर्शी बनाया जाए। अब आगे की नियुक्तियों और विभागीय फैसलों से इस पूरे घटनाक्रम की अगली तस्वीर साफ होगी।

