- राहत का रास्ता आसान नहीं, स्कूलों को पहले दूर करनी होंगी सभी कमियां
कविता.रोहतक : हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा रोहतक के 63 निजी स्कूलों की मान्यता रद्द किए जाने और उनका एमआईएस (MIS) पोर्टल बंद करने के बाद अब इन स्कूलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी मान्यता दोबारा बहाल कराना है।
विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल आवेदन देने से राहत नहीं मिलेगी, बल्कि निर्धारित सभी मानकों को पूरा करने के बाद ही स्कूलों को दोबारा संचालन की अनुमति मिलेगी। मान्यता बहाल कराने के लिए स्कूलों को उन सभी कमियों को दूर करना होगा, जिनके आधार पर विभाग ने कार्रवाई की है। इसके लिए जमीन और भवन से जुड़े वैध दस्तावेज, भवन सुरक्षा प्रमाणपत्र, फायर सेफ्टी एनओसी और अन्य जरूरी रिकॉर्ड तैयार करने होंगे। साथ ही स्कूल परिसर में छात्रों के लिए पर्याप्त कक्षाएं, शौचालय, स्वच्छ पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी विभागीय मानकों के अनुरूप उपलब्ध करानी होंगी।
आरटीई नियमों का पालन साबित करना होगा
विभाग की जांच में शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के कई प्रावधानों के उल्लंघन सामने आए थे। ऐसे में अब स्कूलों को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित करना होगा। इसके अलावा आरटीई और शिक्षा विभाग के सभी शैक्षणिक एवं प्रशासनिक नियमों का पालन करने का प्रमाण भी देना होगा।
दस्तावेजों के साथ दोबारा जमा करनी होगी फाइल
कमियां दूर करने के बाद स्कूलों को सभी आवश्यक दस्तावेजों और प्रमाणपत्रों के साथ अपनी फाइल दोबारा शिक्षा विभाग के पास जमा करनी होगी। इसके बाद विभागीय अधिकारी पूरे रिकॉर्ड की समीक्षा करेंगे और यदि दस्तावेज नियमानुसार पाए गए तो अगले चरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद ही मिलेगा राहत का रास्ता
फाइल की जांच के बाद शिक्षा विभाग की टीम स्कूलों का भौतिक निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान भवन, सुरक्षा व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं और दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा। यदि निरीक्षण में सभी मानक पूरे मिले, तभी स्कूल को मान्यता बहाल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
मान्यता बहाल होने पर ही खुलेगा एमआईएस पोर्टल
विभागीय समीक्षा और फिजिकल वेरिफिकेशन में संतोषजनक रिपोर्ट मिलने के बाद ही संबंधित स्कूल का एमआईएस पोर्टल दोबारा चालू किया जाएगा। पोर्टल सक्रिय होने के बाद ही स्कूल नए विद्यार्थियों के ऑनलाइन और ऑफलाइन दाखिले ले सकेंगे। तब तक किसी भी प्रकार का नया प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
नियमों की अनदेखी पर और सख्त कार्रवाई संभव
शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि यदि कोई स्कूल निर्धारित प्रक्रिया पूरी किए बिना संचालन करता है या नए दाखिले लेता है तो उसके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में स्कूल को पूरी तरह सील करने या स्थायी रूप से बंद करने तक की कार्रवाई भी की जा सकती है। ऐसे में रोहतक के 63 स्कूलों के लिए अब एकमात्र रास्ता विभाग की सभी शर्तों को पूरा कर अपनी मान्यता दोबारा हासिल करना है।

