पीजीआईएमएस रोहतक (PGIMS) के डीन डॉ अशोक चौहान ने कहा कि रैगिंग एक गंभीर अपराध है और इसके लिए पीजीआई में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी छात्र रैगिंग में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उसकी डिग्री पूरी होने पर दिए जाने वाले कैरेक्टर सर्टिफिकेट में यह उल्लेख किया जाएगा कि वह रैगिंग में शामिल रहा है।
डॉ अशोक चौहान ने कहा कि पीजीआईएमएस में रैगिंग को रोकने के लिए एंटी-रैगिंग कमेटी का गठन किया गया है, जो इस तरह की घटनाओं पर नजर रखे हुए और कोई भी घटना होने पर आवश्यक कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और रैगिंग जैसी गतिविधियों से दूर रहना चाहिए।
डॉ अशोक चौहान ने कहा कि पीजीआईएमएस में रैगिंग को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और छात्रों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई छात्र रैगिंग की शिकायत करता है तो उसकी पहचान को गुप्त रखते हुए उसकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी और दोषी छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डाॅ. अशोक चौहान ने बताया कि उनका प्रयास है कि रैगिंग किसी भी प्रकार की ना हो जिससे सीनियर व जूनियर में प्यारभाव बना रहे।
निदेशक डाॅ. सुरेश सिंघल ने बताया कि एंटी रैगिंग कमेटी में चेयरमैन के तौर पर डाॅ.आर.एस.चौहान व सदस्य डाॅ. विपिन घरसा, डाॅ. उर्मिल चावला, डाॅ. अर्पणा परमार, डाॅ. हरनीत सिंह, डाॅ. नवीन खत्री, डाॅ. अंतरिक्ष, एडीए डाॅ. नीरज सैनी, प्रो. सुनीता, डाॅ. योगेश,संगीता, अंजू, अनिता, रामभज को शामिल किया गया है।

