Punjab News: पंजाब सरकार आत्मनिर्भरता की दिशा में अपने बढ़ते प्रयासों के तहत अनुसूचित जातियों और विकलांग व्यक्तियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान अनुसूचित जातियों और दिव्यांग व्यक्तियों के 522 लाभार्थियों को ऋण के रूप में 9.14 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जिसमें रुपये की सब्सिडी भी शामिल है। 1.46 करोड़ रु. यह जानकारी सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार सामाजिक रूप से पिछड़े और हाशिए पर पड़े लोगों को शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य अनुसूचित जातियों और दिव्यांगजनों को स्वरोजगार और उच्च शिक्षा के लिए रियायती ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध करा रहा है ताकि उनका जीवन स्तर ऊंचा उठाया जा सके।
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कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के तहत अनुसूचित जाति से संबंधित कोई भी व्यक्ति जिसकी आयु 18 से 55 वर्ष के बीच हो और जिसकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक हो, स्वरोजगार या उच्च शिक्षा के लिए ऋण ले सकता है। इसी प्रकार, 18 से 60 वर्ष की आयु के बीच का कोई भी विकलांग व्यक्ति, जो 40% या उससे अधिक विकलांग है, चाहे उसकी जाति कुछ भी हो, वह भी इस ऋण का लाभ उठा सकता है।
डॉ. बलजीत कौर ने आगे कहा कि पंजाब सरकार सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को प्रोत्साहित करने के लिए नई पहल कर रही है, ताकि उन्हें रोजगार और शिक्षा में समान अवसर मिल सकें।