Punjab News: पंजाब में आज, 1 अक्टूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू हो रही है। पंजाब सरकार ने किसानों से धान का एक-एक दाना खरीदने का वादा किया है। राज्य भर में धान की खरीद के लिए कुल 1,887 मंडियों को अधिसूचित किया गया है। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने खरीद प्रक्रिया के लिए ₹42,786 करोड़ की कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) जारी की है।
एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी, खन्ना मंडी में 15 सितंबर से ही बासमती धान की आवक लगातार बढ़ रही है, जबकि पिछले एक हफ्ते में ‘परमल’ धान की आवक में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। आज से ‘परमल’ धान की सरकारी खरीद शुरू होने के साथ ही किसानों को उम्मीद है कि उनकी फसल के लिए बोली लगेगी और सरकारी एजेंसियां इसे खरीदेंगी।
ज़ी मीडिया की टीम ने ज़मीनी हालात का जायज़ा लेने के लिए खन्ना अनाज मंडी का दौरा किया। मंडी में चारों ओर धान के ढेर लगे हुए दिखाई दिए। सुबह से ही कई किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में अपनी फसल लेकर मंडी पहुँच रहे थे। नतीजतन, आने वाले दिनों में धान की आवक और बढ़ने की उम्मीद है।
मंडी में आ रहे धान में नमी की मात्रा भी ज़्यादा देखी जा रही है। सरकारी खरीद के तय मानकों के अनुसार, 17 प्रतिशत तक नमी की मात्रा स्वीकार्य है। इस सीमा से ज़्यादा नमी वाली फसलों की खरीद में दिक्कतें आ सकती हैं। इसलिए, किसान अपनी उपज को सुखाने के लिए खुले में फैला रहे हैं।
मंडी में मौजूद किसानों ने बताया कि आज सरकारी खरीद का पहला दिन है और अब तक इंतज़ाम संतोषजनक लग रहे हैं। हालाँकि, उनकी मुख्य मांग धान के लिए स्वीकार्य नमी की सीमा को बढ़ाने की है। किसानों का कहना है कि 17% नमी का मानक लंबे समय से लागू है; लेकिन अब धान की कटाई के लिए कंबाइन हार्वेस्टर का इस्तेमाल होने से फसल में नमी का स्तर ज़्यादा रहता है।
किसानों के अनुसार, नमी की ज़्यादा मात्रा के कारण खरीद में देरी होती है, जिससे उन्हें अपनी फसल सूखने तक मंडी में इंतज़ार करना पड़ता है। उन्हें उम्मीद है कि एक बार सरकारी खरीद शुरू होने के बाद यह प्रक्रिया तेज़ हो जाएगी, जिससे उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए लंबा इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा।
अब जब सरकारी खरीद शुरू हो गई है, तो आने वाले कुछ दिनों में यह पता चलेगा कि मंडियों में धान की बढ़ती आवक के बीच खरीद और उठान की व्यवस्था कितनी सुचारू रूप से काम करती है।

