सामाजिक कुरीतियों और शादी-विवाह में होने वाली फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए हरियाणा के पलवल में वैश्य अग्रवाल समाज की महापंचायत आयोजित की गई। इस महापंचायत में पलवल के अलावा फरीदाबाद, गुरुग्राम और दिल्ली से समाज के लोग पहुंचे। बैठक में सर्वसम्मति से 8 अहम फैसले लिए गए। महापंचायत का नेतृत्व मंच के संयोजक एवं पूर्व पार्षद बलराम गुप्ता ने किया।
निर्णय के अनुसार, शादी से पहले लड़का-लड़की के साथ घूमने और प्री-वेडिंग शूट पर रोक रहेगी। विवाह समारोह में डीजे और शराब की स्टॉल नहीं लगेगी। महंगे निमंत्रण कार्ड, मिठाई और गिफ्ट की जगह WhatsApp मैसेज और फोन कॉल से निमंत्रण दिया जाएगा।
शादी में दोनों पक्षों के मेहमानों की संख्या 300 से 400 तक सीमित रखने और व्यंजनों की संख्या 21 से 31 तक रखने का फैसला हुआ। दिन में शादी और फेरे कराने को बढ़ावा दिया जाएगा।
इसके अलावा मृत्यु भोज पूरी तरह बंद करने और अंतिम संस्कार में चादरों की जगह जरूरी सामग्री लाने पर जोर दिया गया। किन्नर समाज को अधिकतम 5100 रुपये और त्योहारों पर 500 रुपये तक शगुन देने का निर्णय भी लिया गया।
बलराम गुप्ता ने कहा कि इन फैसलों का उद्देश्य परिवारों को आर्थिक बोझ से बचाकर समाज में सादगी और सहयोग बढ़ाना है।

