रोहतक : पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, रोहतक में बुधवार को एमबीबीएस प्रथम वर्ष के नवीन शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुरूप हवन-पूजन के साथ किया गया।
जानकारी देते हुए पीजीआई के निदेशक डॉ. एस. के. सिंघल ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में कक्षा के बाहर विधिवत हवन करवाया गया, जिसमें नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं, संकाय सदस्यों और स्टाफ ने आहुति देकर नए सत्र की मंगलमय शुरुआत की।
निदेशक डॉ. सिंघल ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं है, बल्कि यह सेवा, संस्कार और मानवीय मूल्यों का संगम है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारे छात्र अपने शैक्षणिक जीवन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन और भारतीय संस्कारों के साथ करें। हवन का उद्देश्य छात्रों में एकाग्रता, शुद्धता और सेवा भाव जागृत करना है।
डॉ. सिंघल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत विश्वविद्यालय न केवल मरीजों की सेवा के लिए संकल्पबद्ध है, बल्कि छात्रों में भी सेवा भाव को शुरुआत से ही विकसित करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने प्रथम वर्ष के सभी छात्रों को बधाई दी और कहा कि एमबीबीएस की यात्रा कठिन जरूर है, लेकिन यदि सेवा को लक्ष्य बनाकर पढ़ाई की जाए तो यही यात्रा सबसे पुण्यदायी बन जाती है। डॉ सिंघल ने छात्रों से आह्वान किया कि वे कड़ी मेहनत, ईमानदारी और सहानुभूति के साथ चिकित्सा की पढ़ाई करें, ताकि भविष्य में वे समाज के लिए एक कुशल और संवेदनशील चिकित्सक बन सकें।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एच. के. अग्रवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत इस तरह के आयोजन छात्रों को हमारी जड़ों से जोड़ते हैं। उन्होंने पूरी टीम को बधाई दी और नवप्रवेशी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक मलिक, डॉ. संजय गुप्ता, फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग से डॉ. योगेश वशिष्ठ सहित कई संकाय सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।

