National News:भारत में हवाई यात्रा को नई दिशा देने वाली ‘Easy Connect’ सेवा की शुरुआत वाराणसी से हो गई है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से इस नई फ्लाइट मॉडल का शुभारंभ किया।
सरकार की बड़ी योजना
यह पहल उस राष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत भारत को 2030 तक घरेलू और 2047 तक वैश्विक एविएशन हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस मॉडल से खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों के यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों तक आसान और सीधा रास्ता मिलेगा।
‘Hub-and-Spoke’ मॉडल क्या है
इस व्यवस्था में यात्री अपने स्थानीय हवाई अड्डे (स्पोक) से ही चेक-इन, इमिग्रेशन और कस्टम्स जैसी सभी औपचारिकताएं पूरी कर लेंगे। इसके बाद वे घरेलू हब एयरपोर्ट (जैसे दिल्ली) से अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट पकड़ेंगे। इससे बड़े एयरपोर्ट पर अतिरिक्त प्रक्रियाओं में समय नहीं लगेगा और यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।
रोजगार और अर्थव्यवस्था पर असर
मंत्रालय का अनुमान है कि इस मॉडल से 2030 तक लगभग 4 लाख नौकरियों का सृजन होगा और जीडीपी में करीब 30 अरब डॉलर का योगदान मिलेगा। वहीं, 2047 तक इसका प्रभाव 16 मिलियन नौकरियों और लगभग 1.4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
मंत्री का बयान
राम मोहन नायडू ने कहा कि यह कदम भारतीय नागरिकों के लिए हवाई यात्रा को अधिक सुलभ, आधुनिक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में बड़ा परिवर्तन है। अब लोग अपने ही शहर से अंतरराष्ट्रीय सफर शुरू कर पाएंगे और दुनिया भर में आसानी से यात्रा कर सकेंगे।
सुरक्षा और संचालन
इस मॉडल में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों चरणों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार संचालित किया जाएगा। यात्रियों को अलग-अलग बोर्डिंग पास दिए जाएंगे और कस्टम नियमों का सख्ती से पालन होगा।

