Wednesday, August 12, 2026
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जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश

  • कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा, जल निकासी के लिए मशीनरी व अन्य इंतजाम पूरी तरह तैयार रखें 
  • पुराने व खराब वाटर टैंकों के अपग्रेडेशन के लिए सर्किल वाइज डाटा व एस्टीमेट तुरंत मुख्यालय भेजने के निर्देश
  • सड़कों की तर्ज पर जन स्वास्थ्य विभाग भी बनाए सर्किल वाइज इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग, लाइफ स्पैन पूरी होने से पहले हो रखरखाव व बदलाव

चंडीगढ़ : हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण (भवन एवं सड़क) मंत्री रणबीर गंगवा ने बारिश के मौसम को देखते हुए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को मुख्यालय न छोड़ने तथा जल निकासी की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए मशीनरी, पाइप, मोटर तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित की जाए और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

कैबिनेट मंत्री गंगवा बुधवार को अपने कार्यालय में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर बारिश के दौरान जल निकासी, पेयजल व्यवस्था, वाटर टैंकों, विभागीय इंफ्रास्ट्रक्चर तथा जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने हाल ही में हुई बारिश के दौरान प्रदेश के विभिन्न सर्किलों में पानी की निकासी के लिए किए गए इंतजामों की सर्किल वाइज जानकारी भी हासिल की। इस दौरान विभाग के प्रमुख अभियंता देवेंद्र दहिया, मुख्य अभियंता मौजूद थे। जबकि प्रदेश भर के एसई, एसडीओ और अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े थे।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल निकासी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुपर सकर मशीन, जेटिंग मशीन सहित उपलब्ध अन्य मशीनरी का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए। इसके साथ ही पाइप, मोटर और अन्य आवश्यक उपकरण पर्याप्त मात्रा में तैयार रखे जाएं, ताकि बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या आने पर मौके पर ही तत्काल कार्रवाई की जा सके।

मंत्री गंगवा ने कहा कि सावन के महीने और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए अधिकारी किसी भी सूरत में मुख्यालय न छोड़ें और अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करें। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान जलभराव अथवा जल निकासी से संबंधित कोई समस्या सामने आती है तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।

पुराने वाटर टैंकों के अपग्रेडेशन के लिए बनेगा प्लान

कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने प्रदेशभर में खराब हो चुके वाटर टैंकों तथा पुराने ईंटों से बने वाटर टैंकों की स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को इनका सर्किल वाइज डाटा तत्काल मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे वाटर टैंकों के अपग्रेडेशन के लिए एस्टीमेट भी तुरंत तैयार किए जाएं, ताकि विभागीय स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी कर इनके सुधार एवं अपग्रेडेशन का कार्य जल्द शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि इससे आमजन को बेहतर एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी।

सड़कों की तर्ज पर पीएचई बनाए इंफ्रास्ट्रक्चर की लाइफ-साइकिल प्लानिंग

कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि जिस प्रकार लोक निर्माण विभाग में सड़कों के लिए पहले से प्लानिंग की जाती है कि किस सड़क की कितने समय बाद कारपेटिंग, मरम्मत या नवीनीकरण की आवश्यकता होगी और उसकी डीएलपी (Defect Liability Period) क्या है, उसी प्रकार जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को भी सर्किल वाइज अपनी पूरी आधारभूत संरचना की लाइफ-साइकिल प्लानिंग तैयार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग की किसी भी व्यवस्था के खराब होने का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए। इंफ्रास्ट्रक्चर की निर्धारित लाइफ स्पैन को ध्यान में रखते हुए समय रहते उसकी मरम्मत, रखरखाव अथवा बदलाव एवं नवीनीकरण की कार्ययोजना तैयार होनी चाहिए, ताकि आमजन को सेवाएं प्रभावित न हों।

जल संरक्षण और पानी के पुनः उपयोग पर भी जोर

बैठक में रिचार्ज बोरवेल, पानी के पुनः उपयोग तथा आरसीसी वाटर टैंकों के निर्माण से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई। मंत्री  गंगवा ने जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए उपलब्ध जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और जहां संभव हो, पानी के पुनः उपयोग को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने वाटर वर्क्स की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि पेयजल से जुड़ी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी हो और लोगों को स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध करवाना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।

कैबिनेट मंत्री गंगवा ने कहा कि वर्तमान मौसम को देखते हुए अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बारिश के दौरान वरिष्ठ अधिकारी मुख्यालय न छोड़ें और किसी भी आपात स्थिति में संबंधित अधिकारी एवं मशीनरी तुरंत मौके पर पहुंचे।

उन्होंने जिला स्तर पर होने वाली बैठकों में भी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आवश्यकता के अनुसार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकों में शामिल होकर विभागीय मुद्दों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश के मौसम में जल निकासी से लेकर पेयजल आपूर्ति तक सभी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रहें और फील्ड में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में समयबद्धता, बेहतर सुपरविजन और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करते हुए आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं।

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