महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक (MDU) ने शोध, नवाचार और बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय को दो महत्वपूर्ण डिजाइन रजिस्ट्रेशन प्राप्त हुए हैं, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर की एक शोधपरक पुस्तक का भी लोकार्पण किया गया।
एमडीयू को- मोबाइल एंड स्मार्ट वाच होल्डर विद स्टैंड (डिज़ाइन नंबर 450600-001) तथा फ़ोन होल्डर (डिज़ाइन नंबर 450599-001) के लिए डिज़ाइन रजिस्ट्रेशन मिला है। ये दोनों डिज़ाइन विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार के नाम पर पंजीकृत किए गए हैं।
इस उपलब्धि में डॉ. दीपक छाबड़ा (डिप्टी डायरेक्टर, सीआईपीआरएस और डॉ. रविंदर कुमार सहदेव (यूआईईटी प्राध्यापक) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ये डिज़ाइन क्लास 14-06 के अंतर्गत आते हैं, जो मोबाइल और वियरेबल डिवाइस से जुड़े उपकरणों के नवाचार को दर्शाते हैं।
इसके साथ ही- लिग्नोकेलुलोसिस बायोमास एंड एन्ज़इम्स: फंडामेंटल्स, इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज एंड ऍप्लिकेशन्स शीर्षक पुस्तक का लोकार्पण कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ द्वारा किया गया। यह पुस्तक स्प्रिंगर नेचर द्वारा प्रकाशित है।
पुस्तक का संपादन माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्राध्यापक डॉ. राजीव कुमार कपूर और यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्सास की कालावती राजन ने किया है। इसमें बायोमास, एंजाइम तकनीक और उनके औद्योगिक व सतत विकास में उपयोग को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है, जो शोधार्थियों और विशेषज्ञों के लिए उपयोगी साबित होगी।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. मिलाप पूनिया ने कहा कि एमडीयू लगातार नवाचार, अनुसंधान और बौद्धिक संपदा सृजन के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की उपलब्धियां न केवल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक साख को मजबूत करती हैं, बल्कि छात्रों और शोधार्थियों को भी नए प्रयोग और खोज के लिए प्रेरित करती हैं।
उन्होंने कहा कि डिज़ाइन रजिस्ट्रेशन और अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन जैसी उपलब्धियां विश्वविद्यालय की वैश्विक पहचान को मजबूत करती हैं।
उन्होंने संबंधित टीम को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास युवा शोधकर्ताओं को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होंगे।
डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. ए.एस. मान, कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. हरीश दुरेजा, डीन फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एवं निदेशक सीआईआईई प्रो. सोनिया कपूर तथा एंटरप्रेन्योर अवि दहिया ने भी टीम एमडीयू को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।

