Saturday, August 29, 2026
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बस टूरिस्ट, धंधा शराब का : रोहतक से बिहार तक तस्करी का खेल

कविता.रोहतक

रोहतक से बिहार तक शराब की तस्करी का एक नया तरीका सामने आया है। टूरिस्ट बसों की आड़ में हरियाणा से शराब बिहार पहुंचाई जा रही है। हाल ही में खरावड़ के पास पुलिस ने एक टूरिस्ट बस को पकड़ा, जिसमें अंग्रेजी शराब की 170 पेटियां बरामद हुईं। पुलिस ने बस चालक और दो हेल्पर्स को हिरासत में लिया है।

शुरुआती जांच में मामला शराब की अवैध सप्लाई से जुड़ा माना जा रहा है। तस्करी के लिए टूरिस्ट बसों का इस्तेमाल किए जाने की वजह साफ है कि सामान्य तौर पर ऐसी बसों की आवाजाही पर उतना संदेह नहीं होता जितना किसी संदिग्ध मालवाहक वाहन पर। यात्री बस की शक्ल में चलने वाले वाहन में शराब को अलग-अलग हिस्सों में छिपाकर या सामान के बीच रखकर ले जाने की कोशिश की जा सकती है। खरावड़ के पास मिली 170 पेटियों की खेप इस तरीके के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की आशंका पैदा करती है।

हरियाणा से बिहार क्यों

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद शराब की अवैध मांग ने तस्करों के लिए बड़ा नेटवर्क तैयार किया है। ऐसे में हरियाणा जैसे राज्यों से अपेक्षाकृत सस्ती शराब खरीदकर उसे बिहार तक पहुंचाने का अवैध कारोबार मुनाफे का जरिया बन सकता है। लंबी दूरी के इस नेटवर्क में वाहन चालक, हेल्पर और स्थानीय सप्लायर से लेकर शराब को आगे खपाने वाले लोग शामिल होने की आशंका रहती है।

लंबा रूट, कई पड़ाव और निगरानी से बचने की कोशिश

हरियाणा से बिहार तक की दूरी तस्करों के लिए चुनौती भी है और मौका भी। लंबा रूट होने के कारण वाहन को कई राज्यों से गुजरना पड़ता है। ऐसे में टूरिस्ट बस का इस्तेमाल कथित तौर पर सामान्य यात्री वाहन की पहचान बनाए रखने और जांच से बचने के लिए किया जा सकता है। पुलिस के लिए अब यह पता लगाना अहम होगा कि बस कहां से चली, शराब किसने लोड कराई और बिहार में इसे किसके हवाले किया जाना था।

एक बस की बरामदगी के पीछे बड़ा नेटवर्क

170 पेटियां किसी छोटे स्तर की खेप नहीं हैं। इसलिए जांच केवल चालक और हेल्पर्स की गिरफ्तारी तक सीमित रहने के बजाय उस व्यक्ति या गिरोह तक पहुंचनी जरूरी है जिसने शराब की खेप तैयार कराई। पुलिस को बस के मालिक, बुकिंग कराने वाले, शराब खरीदने वाले और बिहार में संभावित रिसीवर की कड़ियां जोड़नी होंगी। मोबाइल कॉल, भुगतान और बस की यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड इस नेटवर्क की तह तक पहुंचने में अहम साबित हो सकते हैं।

बसों की जांच बढ़ाना होगी चुनौती

रोहतक से बिहार जाने वाली टूरिस्ट बसों की निगरानी और संदिग्ध वाहनों की जांच इस मामले के बाद महत्वपूर्ण हो गई है। खास तौर पर उन बसों पर नजर रखने की जरूरत है जो नियमित पर्यटन सेवा की आड़ में लंबी दूरी तय करती हैं। खरावड़ में पकड़ी गई खेप को सिर्फ एक घटना मानने के बजाय अगर पुलिस पूरे रूट और इससे जुड़े वाहनों की जांच करती है, तो हरियाणा से बिहार तक चल रहे संभावित शराब तस्करी नेटवर्क की कई परतें सामने आ सकती हैं।

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