Saturday, October 17, 2026
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सुपवा में दो दिवसीय इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ हाइफा का शानदार आगाज

रोहतक : दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) में शनिवार को हरियाणवी फिल्म ‘मुआवजा’ की स्क्रीनिंग के साथ दो दिवसीय इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ हाइफा (आईएफएफएच) शुरू हो गया। इसका आयोजन हरियाणी इनोवेटिव फिल्म एसोसिएशन (हाइफा) की ओर से कराया जा रहा है।

डीएलसीसुपवा इसमें सहयोगी की भूमिका निभा रही है, जबकि स्टेज ऐप इसका स्पॉन्सर है। इसका समापन रविवार, 20 सितंबर को देर शाम अवॉर्ड वितरण के साथ होगा।

फिल्म फेस्टिवल की औपचारिक शुरुआत से पहले मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन किया गया। इसके बाद वंदेमातरम् व सुपवा का कुलगीत प्रस्तुत किया गया। मौजूद अतिथियों ने आईएफएफएच के कैटलॉग का विधिवत विमोचन किया। सुपवा की ओर से फिल्म फेस्टिवल में पहुंचे अतिथियों का रजिस्ट्रार डॉ गुंजन मलिक मनोचा व डीन अकेडमिक अफेयर्स डॉ अजय कौशिक ने स्मृति चिन्ह व शॉल भेंट कर स्वागत किया।

इस दौरान फेस्टिवल चेयरमैन एवं प्रख्यात अभिनेता यशपाल शर्मा, मशहूर अभिनेत्री भूमि पेडनेकर की मां एवं हरियाणा से बॉलीवुड तक का सबसे पहले सफर तय करने वाली अभिनेत्री, प्रॉड्यूसर व लेखिका सुमित्रा हुड्डा पेडनेकर, फिल्म अभिनेता रणदीप हुड्डा की अभिनेत्री मां आशा हुड्डा, नेशनल अवॉर्डी फिल्ममेकर राजीव भाटिया, अभिनेत्री एवं प्रॉड्यूसर वंदना भाटिया, ऑल इंडिया रेडियो के पूर्व निदेशक धर्मपाल मलिक आदि भी मौजूद रहे।

सुपवा की फिल्म एवं टेलीविजन फैकेल्टी स्थित मिनी ऑडिटोरियम में चल रहे फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत 53 मिनट लंबी, रणजीत चौहान निर्देशित हरियाणवी फिल्म ‘मुआवजा’ से हुई। पहले दिन विभिन्न भाषाओं की 16 फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई, जिनमें सांझी, वादा, सांगी भी शामिल रही। फिल्म फेस्टिवल के दौरान डीएलसीसुपवा के न्यूजलेटर ‘अभिव्यक्ति’ के दूसरे संस्करण का अतिथियों ने विमोचन भी किया। फिल्म फेस्टिवल के पहले दिन अभिनेता एवं दिल्ली विश्वविद्यालय की कल्चरल काउंसिल के चेयरमैन अनूप लाठर, लेखक व साहित्यकार डॉ राजेंद्र गौतम, पठानिया पब्लिक स्कूल के निदेशक अंशुल पठानिया, अभिनेता, लेखक व निर्देशक जनार्दन शर्मा, अभिनेता एवं निर्देशक रामपाल बल्हारा, हरियाणवी अभिनेता राजू मान, हरियाणवी संस्कृति के रचनाकार एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ महा सिंह पूनिया, फिल्म निर्माता व निर्देशक जगबीर राठी समेत सैंकड़ों लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मंच संचालन डॉ अल्पना सुहासिनी व विशाल जिंदल ने किया।

मास्टर क्लास में बताई फिल्म निर्माण की बारीकियां

फिल्म फेस्टिवल के पहले दिन फिल्म निर्माण में रुचि रखने वाले प्रतिभागियों के लिए एक विशेष मास्टर क्लास आयोजित की गई। इसमें बॉलीवुड फिल्मों के निर्माता-निर्देशक अश्विनी चौधरी ने फिल्म निर्माण की बारीकियों, कहानी कहने की कला व निर्देशन की प्रक्रिया से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। चौधरी ने कहा कि एक अच्छी फिल्म की शुरुआत मजबूत कहानी और विषय की स्पष्ट समझ से होती है। उन्होंने पटकथा लेखन, पात्रों के विकास, कैमरा भाषा, कलाकारों के चयन व निर्देशन के दौरान आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि फिल्म निर्माण केवल तकनीक का माध्यम नहीं, बल्कि समाज व मानवीय संवेदनाओं को समझने का भी जरिया है। मास्टर क्लास के दौरान प्रतिभागियों ने फिल्म निर्माण से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका अश्विनी चौधरी ने उदाहरणों के साथ जवाब दिया। उन्होंने युवा फिल्मकारों को लगातार सीखने, नए प्रयोग करने और अपने विचारों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने को प्रेरित किया।

 

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