कविता.रोहतक: मौसम में लगातार हो रहे बदलाव, बढ़ती उमस और गर्मी का असर अब लोगों की आंखों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। रोहतक में इन दिनों आंखों के संक्रमण के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
अस्पतालों के नेत्र विभाग में प्रतिदिन आने वाले मरीजों में करीब आधे लोग कंजंक्टिवाइटिस यानी आंख आने की समस्या से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार यह संक्रमण तेजी से फैलता है, इसलिए शुरुआती लक्षण दिखते ही सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
संक्रमण का सबसे संवेदनशील दौर
नेत्र विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान मौसम कंजंक्टिवाइटिस के फैलने के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है। तेज धूप, उमस और वातावरण में फूलों व पेड़ों से निकलने वाले परागकणों की अधिकता आंखों में एलर्जी और संक्रमण की आशंका बढ़ा देती है। यही वजह है कि पिछले कुछ दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
लाल आंखें, जलन और पानी आना शुरुआती संकेत
इस संक्रमण में आंखों की बाहरी सतह और पलकों की भीतरी परत प्रभावित होती है। मरीजों की आंखें लाल हो जाती हैं, उनमें लगातार पानी आता रहता है और जलन व खुजली की शिकायत बनी रहती है। कई लोगों को सुबह उठते समय पलकों के चिपक जाने की समस्या भी होती है। इसके अलावा आंखों में किरकिरी महसूस होना और दर्द भी सामान्य लक्षण हैं।
ऐसे रखें आंखों को सुरक्षित
संक्रमण के मौसम में बाहर निकलते समय धूप का चश्मा पहनना चाहिए ताकि धूल, धूप और परागकणों से आंखों की सुरक्षा हो सके। आंखों को बिना हाथ धोए छूने से बचें और साफ पानी से समय-समय पर आंखें धोते रहें। संक्रमण होने पर आंखों को आराम देना भी जरूरी है।
मोबाइल और लैपटॉप से दें आंखों को आराम
यदि आंखों में संक्रमण हो जाए तो लंबे समय तक मोबाइल, कंप्यूटर या लैपटॉप का उपयोग करने से बचना चाहिए। लगातार स्क्रीन देखने से आंखों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे जलन और परेशानी बढ़ सकती है। आराम और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार से संक्रमण जल्दी ठीक हो सकता है।
संक्रमण को हल्के में न लें
कंजंक्टिवाइटिस एक संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क या उसकी उपयोग की वस्तुओं के माध्यम से आसानी से फैल सकती है। इसलिए परिवार के अन्य सदस्यों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। संक्रमित व्यक्ति को अपना तौलिया, रुमाल और तकिया अलग इस्तेमाल करना चाहिए ताकि संक्रमण दूसरों तक न पहुंचे।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलें
अगर आंखों की लालिमा लगातार बढ़ रही हो, तेज दर्द हो, धुंधला दिखाई देने लगे या आंखों से अधिक मात्रा में स्त्राव निकल रहा हो तो स्वयं दवा लेने की बजाय तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए। समय पर उपचार मिलने से संक्रमण गंभीर रूप लेने से पहले ही नियंत्रित किया जा सकता है।
अस्पताल में बढ़ी मरीजों की भीड़
सिविल अस्पताल में इन दिनों रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश मामलों में मौसम से जुड़ा संक्रमण सामने आ रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न करें और संक्रमण फैलने से रोकने के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।

