Sunday, August 23, 2026
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हरियाणा ने एमटीपी मामलों की रिवर्स ट्रैकिंग को मजबूत किया, 43 एफआईआर दर्ज

चंडीगढ़ : हरियाणा की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव के निर्देशानुसार, हरियाणा में लिंगानुपात सुधारने हेतु राज्य टास्क फोर्स (एसटीएफ) की साप्ताहिक बैठक मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव  सुधीर राजपाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में बताया गया कि स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के निरंतर प्रयासों के चलते राज्य में 1 जनवरी से 18 अगस्त, 2025 तक लिंगानुपात 905 दर्ज किया गया है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 899 था।

बैठक के दौरान, अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अवैध गर्भपात के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया और अधिकारियों को दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसमें दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों के लाइसेंस रद्द करने के भी नर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि हरियाणा सभी चिकित्सीय गर्भपात (एमटीपी) और 12 सप्ताह से अधिक के गर्भपात के मामलों की रिवर्स ट्रैकिंग लागू कर रहा है, खासकर उन मामलों में जहां महिलाओं की पहले से ही एक या अधिक बेटियां हैं। रिवर्स ट्रैकिंग मामलों में कुल 43 एफआईआर दर्ज की गई हैं जबकि 3 एफआईआर प्रक्रियाधीन हैं। कुल 38 निजी अस्पतालों/क्लिनिकों को संदिग्ध अवैध गर्भपात के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।

इसके अलावा, स्वास्थ्य अधिकारियों की एक टीम ने नरेला से आकर सोनीपत में एमटीपी किट की आपूर्ति करने वाले एक झोलाछाप डॉक्टर को भी सोनीपत में गिरफ्तार किया गया है। राज्य की टीम द्वारा अब 12 सप्ताह से अधिक समय के गर्भपात के मामलों की 1182 और मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) की रिवर्स ट्रैकिंग भी शुरू करेगा।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सभी जिलों के सीएमओ को पुलिस के साथ सक्रिय समन्वय के साथ-साथ सभी कानूनी सहायता प्रदान की जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन सभी मामलों को अदालतों में उनके तार्किक निष्कर्ष तक पहुँचाया जा सके और दोषसिद्धि सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को स्टाफिंग प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और इन मामलों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सीएमओ के पास कानूनी मैनपावर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

पुलिस विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि विभाग छापेमारी के दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है और लिंग निर्धारण और अवैध गर्भपात में शामिल पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आरोपियों के फोन रिकॉर्ड और लोकेशन हिस्ट्री का पता लगा रहे हैं।

सुधीर राजपाल ने उन गर्भवती महिलाओं से जुड़ी सहेलियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए जहाँ लड़कियों का गर्भपात हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को यह पता लगाने का निर्देश दिया कि क्या गर्भपात किया गया भ्रूण लड़की का था और किसी भी अवैधता के मामले में सख्त कार्रवाई की जाए।

बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक मोनिका मलिक और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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