Wednesday, October 7, 2026
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पीना तो दूर, फर्श धोने लायक भी नहीं पानी, सेक्टर-1 हाउसिंग बोर्ड में बदबूदार सप्लाई

कविता.रोहतक: शहर में साफ पानी की सप्लाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन सेक्टर-1 हाउसिंग बोर्ड के लोगों के लिए पिछले दो दिन से नल खोलना ही परेशानी का कारण बन गया है। मंगलवार शाम घरों में सप्लाई के दौरान ऐसा पानी आया, जिसमें सीवर जैसी तेज दुर्गंध आ रही थी। हालात ऐसे थे कि पानी पीना तो दूर, उससे फर्श धोने पर भी पूरे घर में बदबू फैलने का डर बना रहा। लोगों का सवाल है कि आखिर सप्लाई लाइन में ऐसा क्या हुआ कि पीने के पानी में सीवर जैसी बदबू पहुंच गई और विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी?

नल खोला तो पानी के साथ आई सीवर जैसी बदबू

सेक्टर-1 हाउसिंग बोर्ड के लोगों के अनुसार मंगलवार शाम सप्लाई में आया पानी देखने में भले ही सामान्य नजर आ रहा था, लेकिन उसमें से इतनी तेज दुर्गंध आ रही थी कि उसे इस्तेमाल करना मुश्किल हो गया। लोगों ने बताया कि पानी को बाल्टी या बर्तन में भरते ही आसपास बदबू महसूस होने लगती है। ऐसे में लोगों ने पानी का इस्तेमाल करने से परहेज किया और पीने के लिए बाहर से पानी की व्यवस्था करनी पड़ी।

फर्श धोना भी पड़ा भारी, घर में फैल जाती है बदबू

लोगों का कहना है कि समस्या सिर्फ पानी पीने तक सीमित नहीं है। इस पानी से घर का फर्श या अन्य सामान साफ करने पर भी दुर्गंध काफी देर तक बनी रहती है। जिन घरों में छोटे बच्चे और बुजुर्ग हैं, वहां परिवार ज्यादा चिंतित हैं। लोगों का सवाल है कि अगर यही पानी रोजमर्रा के काम में इस्तेमाल किया गया तो स्वास्थ्य पर इसका क्या असर पड़ेगा?

दो दिन से परेशानी, फिर भी समाधान का इंतजार

लोगों के मुताबिक बदबूदार पानी की समस्या लगातार दूसरे दिन भी बनी हुई है। लोगों को उम्मीद थी कि पहली शिकायत के बाद संबंधित विभाग पानी की लाइन की जांच करवाएगा और सप्लाई को दुरुस्त करेगा, लेकिन समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि पानी जैसी मूलभूत सुविधा में लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जा सकती।

कहीं सीवर लाइन से तो नहीं जुड़ गई पेयजल सप्लाई

सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर साफ पानी की पाइपलाइन में सीवर जैसी दुर्गंध कैसे पहुंची। क्या कहीं पेयजल लाइन लीक है, क्या सीवर लाइन से उसका संपर्क हुआ है या फिर जलापूर्ति व्यवस्था में कोई दूसरी तकनीकी खामी है। लोगों की मांग है कि विभाग मौके पर पहुंचकर पाइपलाइन और आसपास की सीवर लाइन की जांच करे, ताकि समस्या की असली वजह सामने आ सके।

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