Friday, August 14, 2026
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हरियाणा कैबिनेट ने गुरुग्राम में मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी स्थापित करने के बिल को मंजूरी दी

  • इस कदम का मकसद उच्च शिक्षा के मौकों को बढ़ाना और NEP-2020 के तहत 50% सकल नामांकन अनुपात (GER) के लक्ष्य को हासिल करने में योगदान देना है

चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में “हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ एक्ट, 2006” में संशोधन करके गुरुग्राम में मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी स्थापित करने के लिए ‘हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटीज (संशोधन) बिल, 2026’ लाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी है।

प्रस्तावित यूनिवर्सिटी की स्थापना शांति फाउंडेशन ट्रस्ट, गुरुग्राम द्वारा की जाएगी, जो शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाला एक चैरिटेबल, गैर-राजनीतिक, गैर-लाभकारी और धर्म-निरपेक्ष ट्रस्ट है। इस प्रस्ताव का मकसद राज्य के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के मौकों का विस्तार करना और हरियाणा में उच्च शिक्षा की क्षमता और गुणवत्ता बढ़ाने में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी को मज़बूत करना है।

यूनिवर्सिटी को लगभग 5.14 एकड़ की जुड़ी हुई जमीन पर स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस जगह पर पहले से ही लगभग 1,07,358 वर्ग फुट के निर्मित क्षेत्र वाली एक इमारत मौजूद है, जिसमें लगभग 96,600 वर्ग फुट का शिक्षण क्षेत्र, 5,400 वर्ग फुट का प्रशासनिक क्षेत्र, 5,000 वर्ग फुट का सुविधाओं वाला क्षेत्र और 358 वर्ग फुट का आवाजाही (सर्कुलेशन) क्षेत्र शामिल है। प्रायोजक ट्रस्ट के पास यह प्रॉपर्टी 30 साल की लीज़ पर है।

इस प्रस्ताव की जांच हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटीज़ एक्ट, 2006 के तहत गठित संबंधित कमेटियों ने की है। एकेडमिक कमेटी और फाइनेंस कमेटी ने प्रस्ताव की जांच की, जबकि हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के चेयरपर्सन की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने तय शर्तों के अधीन ‘लेटर ऑफ़ इंटेंट’ जारी करने की सिफारिश की। इसके बाद प्रायोजक संस्था ने अपनी अनुपालन रिपोर्ट (कम्प्लायंस रिपोर्ट) सौंपी, जिसकी पुष्टि इस काम के लिए गठित कमेटी ने की।

यूनिवर्सिटी की स्थापना राज्य के उच्च शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने और छात्रों को बेहतर मौके देने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। यह प्रस्ताव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), 2020 के उस मकसद का भी समर्थन करता है, जिसके तहत उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (GER) को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

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