Friday, May 8, 2026
Homeहरियाणाहरियाणा महाधिवक्ता कार्यालय का हुआ पूर्ण डिजिटलीकरण

हरियाणा महाधिवक्ता कार्यालय का हुआ पूर्ण डिजिटलीकरण

चंडीगढ़: प्रशासनिक और विधिक सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए हरियाणा का महाधिवक्ता कार्यालय अब पूरी तरह डिजिटल हो गया है। महाधिवक्ता प्रविंद्रा सिंह चौहान के नेतृत्व में हरियाणा देश का पहला ऐसा महाधिवक्ता कार्यालय बन गया है, जहां सभी विधिक कार्य पूरी तरह डिजिटल तरीके से किए जा रहे हैं। यह उपलब्धि न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए एक नई मिसाल मानी जा रही है। हरियाणा के महाअधिवक्ता प्रविंद्रा सिंह चौहान ने गुरुवार को प्रो-केस मैनेजमेंट सिस्टम को लाइव कर इसकी शुरुआत की।

महाधिवक्ता प्रविंद्रा सिंह चौहान ने इस संबंध में बताया कि अब यह लक्ष्य पूरी तरह हासिल कर लिया गया है। इस डिजिटल व्यवस्था का मुख्य आधार “प्रो केस मैनेजमेंट सिस्टम (PCMS)” है, जो लिटिगेशन मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) का उन्नत रूप है। इसके माध्यम से महाधिवक्ता कार्यालय और सरकारी विभागों के बीच वेटिंग, कानूनी राय, केस से जुड़ा पत्राचार और मुकदमों का प्रबंधन पूरी तरह डिजिटल तरीके से किया जा रहा है। इससे काम में तेजी आई है और अनावश्यक देरी कम हुई है।

उन्होंने बताया कि अब सभी केसों से जुड़े दस्तावेज जैसे पेपर बुक्स, जवाब, लिखित बयान और अदालत के पुराने आदेश पीडीएफ फॉर्मेट में सुरक्षित उपलब्ध हैं। इससे कागजी फाइलों पर निर्भरता लगभग खत्म हो गई है और पारदर्शिता व कार्यक्षमता बढ़ी है।

महाअधिवक्ता प्रविंद्रा सिंह चौहान ने कहा कि इन सभी नवाचारों से महाधिवक्ता कार्यालय में पूरी तरह डिजिटल विधिक व्यवस्था स्थापित हो गई है, जिससे काम अब अधिक तेज, पारदर्शी और जवाबदेही के साथ हो रहा है। यह पहल हरियाणा की प्रशासनिक क्षमता और तकनीकी सोच को दर्शाती है। साथ ही यह देश में विधिक संस्थाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में एक नया राष्ट्रीय मानक भी स्थापित करती है।

इस डिजिटल बदलाव की शुरुआत करीब छह माह पहले हुई थी,जब वरिष्ठ उप महाधिवक्ता श्री अरुण तेवतिया को आईटी एवं आईटी सुरक्षा नोडल अधिकारी और कंप्यूटर समिति का अध्यक्ष बनाया गया। उन्हें कार्यालय में होने वाले सभी मैनुअल कार्यों को डिजिटल रूप में बदलने की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद मिशन मोड में काम शुरू हुआ और कार्यालय की पारंपरिक व्यवस्था को आधुनिक डिजिटल प्रणाली में बदल दिया गया।

वरिष्ठ उप महाधिवक्ता अरुण तेवतिया ने बताया कि आईटी एवं आईटी सुरक्षा प्रकोष्ठ द्वारा कई आधुनिक ई-गवर्नेंस मॉड्यूल भी शुरू किए गए हैं।

e-Roster मॉड्यूल के जरिए विधि अधिकारियों को तुरंत पेपर बुक्स, जवाब और अंतिम आदेश उनके अकाउंट पर मिल सकेंगे। e-Judgement मॉड्यूल से अदालत के फैसलों और आदेशों तक तुरंत पहुंच संभव होगी। इसके अलावा,e-Vetting से कानूनी जांच और समीक्षा प्रक्रिया तेज और आसान बनेगी। e-Opinion के माध्यम से विभागों को जल्दी कानूनी राय उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने बताया कि e-Pairvi मॉड्यूल से केस की प्रस्तुति और सारांश अधिक सटीक और पारदर्शी होगा। e-Visitor Pass के जरिए QR कोड आधारित सात स्तरीय सुरक्षा वाला विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है। इसी प्रकार e-Organisational Chart सभी विधि अधिकारियों और कर्मचारियों की डिजिटल जानकारी उपलब्ध कराएगा।

उन्होंने बताया कि e-Dashboard मॉड्यूल पर हरियाणा से जुड़े कुल मामलों, अर्जेंट, ऑर्डिनरी, COCP और कोर्टवार मामलों की रियल टाइम जानकारी उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा e-Directory सभी सरकारी विभागों के नोडल अधिकारियों के संपर्क विवरण का डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा।

RELATED NEWS

Most Popular