रोहतक : मासिक रिटर्न भरने वाले करदाताओं के लिए सोमवार को जीएसटीआर-3बी फाइल करने की अंतिम तिथि थी, लेकिन सुबह से ही जीएसटी पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं ने हजारों टैक्सपेयर्स और प्रोफेशनल्स को परेशानी में डाल दिया।
साइट बार-बार हैंग और क्रैश होती रही, जिससे रिटर्न फाइलिंग और भुगतान की प्रक्रिया बाधित रही। बड़ी संख्या में व्यापारी जीएसटी रिर्टन फाइल नहीं कर पाए। इस कारण व्यापारियों पर जुर्माना भी लगा और ब्याज भी। अब प्रतिदन 50 रुपये जुर्माना देना होगा। ब्याज 18 प्रतिशत वार्षिक दर से लगाता है। कुल मिलाकर साइट नहीं चलने का खामियाजा व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है और यह समस्या पहली बार नहीं बल्कि होती रहती है।
जीएसटी लागू हुए 9 साल से अधिक समय बीत चुका है, इसके बावजूद पोर्टल की तकनीकी खामियां खत्म नहीं हो पाई। खासकर हर महीने की आखिरी तारीख को यह समस्या आम हो जाती है, जिससे करदाताओं में रोष है। सभी ने इस बार भी जीएसटी रिटर्न फाइल करने की तारीख बढ़ाने की मांग की है।
प्रोफेशनल्स ने उठाई आवाज
एडवोकेट अशोक जांगड़ा, अजय जांगड़ा, दीपक जांगड़ा, रमेश शर्मा, दिनेश गोस्वामी और गौरव जुनेजा सहित कई जीएसटी विशेषज्ञों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या की जानकारी विभाग को स्क्रीनशॉट के साथ दी है, लेकिन हेल्पलाइन से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जीएसटी विशेषज्ञों का कहना है कि हर महीने अंतिम तारीख को यही हाल रहता है, जिससे टैक्सपेयर्स को अनावश्यक तनाव और पेनल्टी का खतरा झेलना पड़ता है।
देर से रिटर्न फाइल करने पर ये जुर्माना
सामान्य रिटर्न समय पर जमा नहीं करवाई तो 50 रुपये प्रति दिन जुर्माना लगेगा, इसमें 25 सीजीएसटी और 25 रुपये एसजीएसटी के शामिल होते हैं। इसके अलावा निल रिटर्न पर 20 रुपये प्रति दिन जुर्माना लगाया जाता है। ब्याज की बात करें तो बकाया टैक्स पर 18 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज लगता है, बता दें कि ब्याज की गणना देरी के दिनों के अनुसार होती है।
लेट फीस माफ की जाए
एडवोकेट अशोक जांगड़ा का कहना है कि जब सरकार समय पर टैक्स और रिटर्न की अपेक्षा करती है, तो उसे पोर्टल पर भी ध्यान देना चाहिए। बार-बार तकनीकी खामियों के बावजूद अगर जुर्माना लगाया जाता है, तो यह करदाताओं के साथ अन्याय है। सरकार और जीएसटी विभाग से मांग की है कि अंतिम तारीख से पहले सर्वर क्षमता बढ़ाई जाए, तकनीकी टीम को अलर्ट मोड पर रखा जाए और ऐसे मामलों में लेट फीस माफ की जाए।
साइट में ये समस्याएं आई
- सबसे पहले तो लॉगिन करने में समस्या
- लॉगइन हो भी गया तो कैपचा सही नहीं दिख रहा
- रिर्टन डैशबोर्ड लोड नहीं हो रहा।
- डेटा सेव नहीं हो पाया
- नेट बैंकिंग से भुगतान के बाद भी चालान क्रेडिट नहीं दिख रहा
- पोर्टल से अपने-आप लॉग आउट हो जाना
- जीएसटी भुगतान करने में असमर्थता
यह भी जानें
जीएसटी रिटर्न कितनी तरह की होती हैं
- जीएसटीआर- 1 : आउटवर्ड सप्लाई (बिक्री) का विवरण
- जीएसटीआर- 3बी: मासिक रिटर्न (टैक्स भुगतान के साथ)
- जीएसटीआर- 2ए/2बी : ऑटो-जनरेटेड आईटीसी रिपोर्ट
- जीएसटीआर-9 : वार्षिक रिटर्न
- जीएसटीआर-9सी: ऑडिट रिटर्न (निश्चित टर्नओवर पर)
- सीएमपी-08 : कंपोजिशन स्कीम वाले करदाताओं के लिए
इन तारीखों को रिटर्न फाइल करना जरूरी
- जीएसटीआर- 1 मासिक फाइल: हर महीने की 11 तारीख तक
- तिमाही फाइल: क्वार्टर खत्म होने के बाद 13 तारीख तक
- जीएसटीआर- 3बी: मासिक रिटर्न हर महीने की 20 तारीख तक

