Saturday, October 31, 2026
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रोहतक में अपनी गाड़ी के लिए घेर ली सरकारी जमीन, अब रैंप तोड़ने की तैयारी में एचएसवीपी

कविता.रोहतक: सेक्टरों में अपने घर तक गाड़ी पहुंचाने और पार्किंग की सुविधा आसान बनाने के लिए सरकारी जमीन पर बनाए गए निजी रैंप अब मकान मालिकों की परेशानी बढ़ा सकते हैं। घर के बाहर सड़क और ग्रीन बेल्ट के हिस्से को अपने इस्तेमाल में लेने का चलन अब विभाग की नजर में है।

कहीं सड़क के किनारे तो कहीं ग्रीन बेल्ट की जमीन पर पक्के रैंप बनाकर सार्वजनिक जगह को निजी सुविधा में तब्दील कर दिया गया है। अब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ऐसे निर्माणों को हटाने की तैयारी में है। विभाग की कार्रवाई केवल रैंप तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सरकारी जमीन पर किए गए दूसरे अतिक्रमण भी इसकी जद में आ सकते हैं। ऐसे में सेक्टरों के उन मकान मालिकों के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है, जिन्होंने घर की सुविधा के लिए सार्वजनिक जमीन पर निर्माण कर रखा है।

घर की पार्किंग के लिए सड़क तक बढ़ा दिए मकान

सेक्टरों में मकान बनाते समय कई लोगों ने अपने घर के बाहर उपलब्ध सरकारी जगह को भी निजी इस्तेमाल के हिसाब से विकसित कर लिया। घर के मुख्य गेट से लेकर सड़क तक पक्का रैंप बना दिया गया, ताकि गाड़ी को घर के अंदर ले जाने में परेशानी न हो। कुछ जगहों पर ग्रीन बेल्ट के साथ लगती जमीन पर भी इस तरह के निर्माण देखने को मिलते हैं। शुरुआत में एक-दो मकानों के बाहर बने ऐसे रैंप धीरे-धीरे दूसरे लोगों के लिए भी उदाहरण बन गए। नतीजा यह हुआ कि कई स्थानों पर सार्वजनिक जमीन का स्वरूप ही बदलने लगा। अब विभाग ऐसे निर्माणों को अतिक्रमण मानते हुए हटाने की तैयारी कर रहा है।

एक मकान की सुविधा, दूसरे के लिए बन रही परेशानी

सड़क और ग्रीन बेल्ट के किनारे सरकारी जमीन का अपना उपयोग निर्धारित है। लेकिन जब कोई मकान मालिक इस जगह पर पक्का रैंप बना लेता है तो उसका असर केवल संबंधित मकान तक सीमित नहीं रहता। सड़क के किनारे उपलब्ध जगह कम होती है और सार्वजनिक स्थान का इस्तेमाल भी प्रभावित होता है। खासकर उन जगहों पर स्थिति ज्यादा मुश्किल हो जाती है, जहां कई मकानों के बाहर लगातार रैंप बना दिए गए हैं। एक व्यक्ति अपनी सुविधा के लिए सरकारी जमीन का इस्तेमाल करता है तो दूसरे लोगों के लिए भी ऐसा करने का रास्ता खुलता है। इसी वजह से विभाग अब इस तरह के अतिक्रमण को हटाने की तैयारी में है।

पहले खुद हटाने का मिलेगा मौका, फिर विभाग करेगा कार्रवाई

एचएसवीपी की योजना है कि संबंधित मकान मालिकों को पहले नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया जाए। इसके लिए एक सप्ताह का समय निर्धारित किया जाएगा। इस अवधि में मकान मालिक अपने स्तर पर सड़क और ग्रीन बेल्ट के किनारे बनाए गए अवैध रैंप हटा सकते हैं। विभाग का मानना है कि लोगों को पहले खुद अतिक्रमण हटाने का मौका मिलना चाहिए, ताकि कार्रवाई की नौबत न आए। हालांकि नोटिस मिलने के बाद भी यदि कोई मकान मालिक निर्माण नहीं हटाता है तो विभागीय टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी।

सरकारी जमीन पर कब्जा हटेगा, तभी बची रहेगी सार्वजनिक जगह

विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य सेक्टरों में सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण से मुक्त कराना है। सरकारी जमीन किसी एक मकान मालिक की निजी सुविधा के लिए नहीं है। सड़क के किनारे और ग्रीन बेल्ट की जमीन का उपयोग सार्वजनिक जरूरतों के लिए होना चाहिए। ऐसे में विभाग अब केवल नोटिस जारी करने तक सीमित नहीं रहना चाहता। जिन स्थानों पर निर्धारित समय के बाद भी अवैध रैंप या दूसरे निर्माण नहीं हटाए जाएंगे, वहां टीम मौके पर जाकर उन्हें हटाएगी। इस कार्रवाई के बाद यह भी साफ होगा कि सेक्टरों में सरकारी जमीन पर किए गए निजी निर्माण को लेकर विभाग कितना सख्त रुख अपनाता है।

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