- राहगीरों और कॉलोनीवासियों में दहशत, महिलाओं व बच्चों का निकलना हुआ मुश्किल
- लोगों ने की पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग
कविता.रोहतक: एलिवेटेड रेलवे लाइन के नीचे का हिस्सा धीरे-धीरे नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां सुबह से लेकर देर रात तक सिंथेटिक नशा करने वाले युवाओं का जमावड़ा लगा रहता है। खुलेआम बैठकर नशा करने और संदिग्ध गतिविधियों के चलते आसपास रहने वाले परिवारों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि पुलिस की कभी-कभार कार्रवाई के बावजूद हालात नहीं सुधर रहे हैं। राजकुमार, बीरमति, राजेश और कौशल ने बताया कि नशेड़ियों की मौजूदगी के कारण महिलाएं और स्कूली बच्चे इस रास्ते से गुजरने में डर महसूस करते हैं। शाम होते ही स्थिति और गंभीर हो जाती है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो यहां किसी भी समय अप्रिय घटना हो सकती है।
शाम ढलते ही बदल जाता है माहौल
रिहायशी इलाके से गुजरने वाली एलिवेटेड रेलवे लाइन के नीचे शाम होते ही युवाओं के समूह जुटने लगते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इनमें कई युवक सिंथेटिक नशा करते हैं और घंटों तक वहीं बैठे रहते हैं। इससे पूरे इलाके का माहौल बिगड़ रहा है और परिवारों में असुरक्षा की भावना लगातार बढ़ रही है।
वारदात की आशंका से सहमे लोग
क्षेत्रवासियों का कहना है कि नशे में धुत लोगों के कारण हमेशा किसी अप्रिय घटना का डर बना रहता है। रात के समय राहगीर इस रास्ते से निकलने से कतराते हैं। लोगों का कहना है कि महिलाओं से छेड़छाड़, झपटमारी और मारपीट जैसी घटनाओं की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
शिकायतें हुईं, लेकिन नहीं निकला स्थायी समाधान
लोगों के मुताबिक इस समस्या की जानकारी कई बार पुलिस और संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है। बीच-बीच में कार्रवाई भी हुई, लेकिन कुछ दिन बाद फिर वही स्थिति बन जाती है। लोगों का कहना है कि नियमित निगरानी के अभाव में नशेड़ियों के हौसले बुलंद हैं।
खाली जगह का गलत इस्तेमाल
एलिवेटेड रेलवे लाइन के नीचे खाली पड़ी जगह का कोई सुनियोजित उपयोग नहीं होने से असामाजिक तत्वों ने इसे अपना ठिकाना बना लिया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यहां पार्किंग, ओपन जिम, बच्चों का खेल क्षेत्र या हरित पट्टी विकसित की जाए तो इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
पुलिस गश्त और सीसीटीवी की मांग
कॉलोनीवासियों ने क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरे लगाने और नशा करने वालों के खिलाफ अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई से ही इस इलाके को नशेड़ियों के कब्जे से मुक्त कराया जा सकता है।
लोगों की जुबानी….
नशा करते दिखाई देते हैं
एलिवेटेड रेलवे लाइन के नीचे सुबह से लेकर देर रात तक युवाओं का जमावड़ा लगा रहता है। कई लोग खुलेआम सिंथेटिक नशा करते दिखाई देते हैं। परिवार के साथ इस रास्ते से निकलने में डर लगता है। कई बार पुलिस को शिकायत दी गई, लेकिन स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ।– राजकुमार
सख्त कार्रवाई करनी चाहिए
शाम ढलते ही माहौल और खराब हो जाता है। महिलाओं और बच्चों का अकेले निकलना मुश्किल हो गया है। हर समय किसी अप्रिय घटना का डर बना रहता है। प्रशासन को यहां नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।-बीरमति
समाधान नहीं निकल पाया
नशे की वजह से इलाके का माहौल लगातार बिगड़ रहा है। राहगीर भी इस रास्ते से गुजरने में असहज महसूस करते हैं। कई बार संदिग्ध गतिविधियां देखने को मिलती हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है।– राजेश
पुलिस की नियमित गश्त हो
यदि समय रहते नशा करने वालों के खिलाफ अभियान नहीं चलाया गया तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। पुलिस की नियमित गश्त, सीसीटीवी कैमरे और खाली जगह के बेहतर उपयोग से इस समस्या पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। स्थानीय लोगों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।–कौशल


