- फॉगिंग की रफ्तार धीमी, हर दूसरे दिन डेंगू का नया मरीज
- 17 केस में 11 शहर से, कॉलोनियों में बढ़ा खतरा
Dengue Cases in Rohtak: रोहतक जिले में डेंगू लगातार पैर पसार रहा है। अब मरीजों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। खास बात यह है कि गांवों के मुकाबले शहर में डेंगू का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक मिले 17 मरीजों में 11 शहर की अलग-अलग कॉलोनियों से हैं, जबकि 6 मरीज गांवों से सामने आए हैं। यानी कुल मरीजों में शहर की हिस्सेदारी करीब दो-तिहाई है। मरीजों के लगातार सामने आने के बीच फॉगिंग की धीमी रफ्तार भी सवाल खड़े कर रही है।
हर दूसरे दिन मिल रहा डेंगू का नया मरीज
सितंबर में डेंगू का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले में अब तक 17 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो औसतन हर दूसरे दिन एक नया मरीज सामने आ रहा है। 17 मरीजों में 10 महिलाएं और 7 पुरुष हैं। इनमें से एक मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 16 मरीजों का इलाज ओपीडी के माध्यम से चल रहा है। लगातार नए केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग के सामने मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाने की चुनौती बढ़ती जा रही है।
गांवों से ज्यादा शहर की कॉलोनियां चपेट में
डेंगू के आंकड़े इस बार शहर की कॉलोनियों की ओर ज्यादा इशारा कर रहे हैं। जिले के कुल 17 मरीजों में 11 मरीज शहर से मिले हैं, जबकि गांवों में 6 केस सामने आए हैं। यानी गांवों की तुलना में शहर में करीब दोगुने मरीज मिल चुके हैं। शहर में आबादी का घनत्व अधिक होने, घरों और गलियों में पानी जमा होने तथा मच्छरों के पनपने की जगह मिलने से संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में कॉलोनियों में लगातार निगरानी और मच्छररोधी गतिविधियां जरूरी हो गई हैं।
फॉगिंग की धीमी रफ्तार से उठ रहे सवाल
शहर में डेंगू के मामले बढ़ने के बीच फॉगिंग अभियान की रफ्तार भी चिंता का विषय बनी हुई है। कई इलाकों में लोगों की शिकायत है कि फॉगिंग नियमित और पर्याप्त तरीके से नहीं हो पा रही। डेंगू का लार्वा साफ या जमा पानी में भी पनप सकता है, ऐसे में सिर्फ फॉगिंग ही नहीं बल्कि लार्वा स्रोतों की पहचान और उन्हें खत्म करना भी जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीमों के सामने अब उन इलाकों में अभियान तेज करने की जरूरत है, जहां से लगातार मरीज सामने आ रहे हैं।
1395 घरों को नोटिस, फिर भी जारी है खतरा
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मच्छरों के लार्वा की जांच के दौरान अब तक 1395 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। यह आंकड़ा बताता है कि घरों और आसपास मच्छरों के प्रजनन की स्थिति लगातार सामने आ रही है। कूलर, पानी की टंकियों, गमलों, कबाड़ और ऐसी अन्य जगहों पर जमा पानी डेंगू मच्छर के लिए प्रजनन स्थल बन सकता है। विभाग की कार्रवाई के बावजूद नए मरीज सामने आना इस बात का संकेत है कि लोगों के स्तर पर भी सावधानी और सफाई को लेकर लगातार निगरानी जरूरी है।
एक भर्ती, 16 का ओपीडी में चल रहा इलाज
जिले में सामने आए 17 डेंगू मरीजों में फिलहाल एक मरीज अस्पताल में भर्ती है, जबकि 16 मरीजों का इलाज ओपीडी में चल रहा है। अभी ज्यादातर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी है, लेकिन लगातार बढ़ते आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के लिए चेतावनी जरूर हैं। खासकर शहर की कॉलोनियों में मरीजों की संख्या गांवों से अधिक होने के कारण यहां फॉगिंग, लार्वा जांच और लोगों को जागरूक करने का अभियान तेज करने की जरूरत है। आने वाले दिनों में बारिश और नमी के बीच डेंगू के आंकड़े किस रफ्तार से बढ़ते हैं, यह स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और रोकथाम की कार्रवाई पर भी निर्भर करेगा।


