कविता.रोहतक : बारिश के बाद मच्छरों का बढ़ता प्रकोप अब रोहतक में डेंगू के आंकड़ों में भी दिखाई देने लगा है। स्वास्थ्य विभाग की अक्टूबर की रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। अक्टूबर के 5 दिनों में 6 नए मरीज मिले हैं। जिले में एक दिन में डेंगू के दो नए मरीज सामने आए हैं। इसके साथ ही इस सीजन में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है।
राहत की बात यह है कि अब तक डेंगू से किसी मरीज की मौत नहीं हुई है और फिलहाल किसी मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार सैंपल लिए जा रहे हैं और अब तक 3590 सैंपल जांच के लिए लिए जा चुके हैं।
अक्टूबर में तेजी से बढ़े केस, 7 दिन में 6 मरीज मिले
रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर में अब तक डेंगू के 6 मामले सामने आ चुके हैं। सितंबर में 21 मरीज मिले थे, जबकि अगस्त में 4 और मार्च में एक मरीज मिला था। यानी सितंबर और अक्टूबर में डेंगू ने सबसे ज्यादा पैर पसारे हैं। 7 अक्टूबर को सामने आए दो नए मामलों के बाद जिले में इस साल डेंगू के कुल 32 केस हो गए हैं। आंकड़े बताते हैं कि मौसम बदलने के साथ डेंगू का खतरा लगातार बना हुआ है।
एक दिन में 43 सैंपल, अब तक 3590 की जांच
डेंगू की रोकथाम और निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने बुधवार को 43 सैंपल लिए। इसके साथ ही अब तक लिए गए कुल सैंपलों की संख्या 3590 पहुंच गई है। विभाग लगातार संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर जांच कर रहा है, ताकि डेंगू के मामलों की समय रहते पहचान हो सके। नए मरीज सामने आने के बाद निगरानी और सैंपलिंग की प्रक्रिया को और महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
30 मरीजों का ओपीडी में ही इलाज
रिपोर्ट के मुताबिक जिले में सामने आए कुल 32 डेंगू मरीजों में से 30 का इलाज ओपीडी स्तर पर ही किया गया। दो मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिन्हें उपचार के बाद छुट्टी दी जा चुकी है। फिलहाल अस्पताल में डेंगू का कोई मरीज भर्ती नहीं है। इससे संकेत मिलता है कि अब तक सामने आए अधिकांश मरीजों की हालत गंभीर नहीं रही।
डेंगू से अब तक कोई मौत नहीं, सतर्कता जरूरी
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में इस सीजन डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है। हालांकि केसों की संख्या 32 तक पहुंचने के बाद मच्छरों की रोकथाम को लेकर लापरवाही भारी पड़ सकती है। खासकर उन इलाकों में ज्यादा सतर्कता की जरूरत है जहां पानी जमा होने और मच्छरों के पनपने की संभावना रहती है। घरों के आसपास पानी जमा न होने देना और बुखार होने पर तुरंत जांच कराना जरूरी है।
मलेरिया और चिकनगुनिया से राहत
रिपोर्ट में मलेरिया और चिकनगुनिया का आंकड़ा फिलहाल शून्य है। जापानी इंसेफेलाइटिस का भी कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग का मुख्य फोकस अब डेंगू पर बना हुआ है, क्योंकि पिछले डेढ़ महीने में केसों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सितंबर में 21 और अक्टूबर में अब तक 6 मामले मिलना बताता है कि मच्छरजनित बीमारियों के सीजन में अभी खतरा टला नहीं है।

