रोहतक। रोहतक की सभी 10 अनाज मंडियों में गेहूं और सरसों की खरीद की जा रही है। लेकिन अभी तक किसान गेहूं की फसल लेकर मंडी नहीं पहुंचे फ़िलहाल सरसों की फसल की आवक और खरीद हो रही है। ऐसे समय में किसानों के लिए सरसों में नमी की मात्रा किसी आफत से कम नहीं है। जिसके कारण उन्हें फसल बेचने के लिए कई दिन मंडियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। किसानों का कहना है कि धूप में घंटों सुखाने के बाद तो सरसों की नमी कम होनी चाहिए, लेकिन अधिकारी जब मांपने के लिए आते हैं तो सरसों में अधिक नमी होने की बात कहकर खरीद नहीं करते।
अचानक अनाज मंडी पहुंचे कमिश्नर
रोहतक अनाज मंडी में आज कमिश्नर संजीव वर्मा ने अचानक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों व किसानों से बातचीत की। साथ ही मंडी की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। वहीं, अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं। किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। लेकिन किसानों ने कमिश्नर के सामने अव्यवस्थाओं का पूरा चिटठा खोल कर रख दिया।

नमी अधिक होने के कारण नहीं हुई खरीद
गांव ब्राह्मणवास निवासी सुनील ने बताया कि वे सरसों की फसल लेकर आए हैं। टोकन तो ऑनलाइन कट गया था, लेकिन नमी अधिक बताकर अभी खरीद नहीं हुई। 8 पॉइंट नमी तक खरीदी जा रही है, लेकिन उनकी सरसों में 8.4 नमी दिखा दी और सुखाने के लिए कहा। ओलावृष्टि का भी फसलों में नुकसान है। काफी एरिया में फसलें ओलावृष्टि से खराब हो गई।
कम होने की बजाय बढ़ रही नमी
गांव ब्राह्मणवास निवासी मनोज शर्मा ने बताया कि वे मंडी में सरसों बेचने आए थे। उन्होंने 15 दिन पहले सरसों की कढ़ाई की थी। लेकिन नमी बताकर खरीद नहीं कर रहे। आढ़ती की मशीन में अलग व अधिकारियों की मशीन में नमी की मात्रा अलग दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की सरसों सीखे खरीदी जाए। दो दिन से सरसों लेकर मंडी में इंतजार कर रहे हैं। शुक्रवार को जहां सरसों में नमी करीब साढ़े 9 दिखाई थी, वहीं आज इसमें 11 से अधिक नमी की मात्रा दिखा दी। जबकि धूप में भी सुखा ली।
नमी के कारण खा रहे धक्के
गांव नसीरपुर (छोटी चमारिया) निवासी रामपाल ने बताया कि वे तीन दिन पहले मंडी में सरसों लेकर आए थे। जिसमें कल नमी की मात्रा साढ़े 8 बताई थी। वहीं आज नमी की मात्रा 9 पॉइंट बता दी। जबकि उन्होंने धूप में भी सुखा ली। तीन दिन से मंडी में चक्कर लगा रहा है। उसने करीब एक माह पहले सरसों की कटाई की थी और 20 दिन पहले सरसों की कढ़ाई कर ली थी। लेकिन नमी बताकर धक्के खाने को मजबूर कर दिया।
व्यवस्थाओं का लिया जायजा
कमिश्नर संजीव वर्मा ने कहा कि मंडियों में फसल खरीद की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए दौरा किया गया। इस दौरान अधिकारियों से फीडबैक लिया और सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त पाया। साथ ही एक निर्धारित नमी तक ही सरसों की खरीद की जा रही है। जिसकी किसानों को भी जानकारी है। इसलिए किसान सावधानी बरतते हुए सरसों को सुखाकर ही लाएं।