पीलीभीत : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विस्थापित 2500 बंगाली परिवारों को नागरिकता एवं भूमि अधिकार पत्र वितरित किए। उन्होंने इस अवसर पर समाजवादी पार्टी व कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जनता जनार्दन ने समाजवादी पार्टी की साइकिल पंक्चर कर दी है, क्योंकि यह साइकिल चलेगी तो दंगा कराएगी, कर्फ्यू लगाएगी और बेटी-व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री दंगाइयों को सरकारी विमान से बुलाकर आवास पर सम्मानित करते थे। कांग्रेस नेतृत्व अडिग रहता और जिन्ना अपनी मौत मर गया होता तो देश का विभाजन नहीं होता, लाखों हिंदू परिवारों को घर व जमीन छोड़नी न पड़ती। बंटवारे के बाद भी कांग्रेस मुस्लिम तुष्टिकरण में ही जुटी रही और उसके पापों का खामियाजा हिंदू समाज भुगतता रहा।
मुख्यमंत्री पीलीभीत के बरखेड़ा और बीसलपुर विधानसभा क्षेत्र में 569 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित हिंदू, बौद्ध, सिख व जैन परिवारों को नागरिकता व भूमि अधिकार पत्र और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र व सहायता राशि के चेक वितरित किए। सीएम ने सभी लाभार्थी परिवारों को बधाई व शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन इसलिए विशेष है, क्योंकि लगभग 56 वर्ष पहले पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से प्रताड़ित होकर भारत आए हिंदू, बौद्ध, सिख व जैन परिवारों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप पीलीभीत में पुनर्वास और भारतीय नागरिकता का अधिकार मिल रहा है। अब कोई भी ताकत इन लोगों को यहां से नहीं निकाल सकती। अब कोई इन्हें पराया नहीं कह सकेगा। यह ऐतिहासिक कार्य पीएम मोदी जी व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में संभव हुआ है। इन परिवारों को यूपी में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार मिल गया है। अब इन लोगों को पुलिस, राजस्व, वन अथवा किसी अन्य सरकारी विभाग द्वारा परेशान नहीं किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि कांग्रेस की नीतियों व सत्ता लोलुपता के कारण देश का विभाजन हुआ। यदि कांग्रेस नेतृत्व अडिग रहता, जिन्ना अपनी मौत मर गया होता तो पाकिस्तान का निर्माण नहीं होता और लाखों हिंदुओं को अपनी पैतृक भूमि छोड़ने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। विभाजन के बाद विस्थापित हिंदुओं, बौद्धों, सिखों व जैनियों की कांग्रेस ने कभी सुधि नहीं ली। जिन लोगों को आज नागगिरका और आवास व भूमि के अधिकार पत्र दिए जा रहे हैं, उनमें ज्यादातर दलित हैं, वंचित हैं, अति पिछड़ी जाति के हैं। लंबे समय तक देश-प्रदेश में शासन करने वाली कांग्रेस व सपा ने इनके लिए आवाज क्यों नहीं उठाई? उन्हें शर्म से डूब जाना चाहिए।
कांग्रेस-सपा की चिंता सिर्फ मुसलमानों तक सीमित
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस व सपा की चिंता केवल मुसलमानों तक सीमित रही। हिंदू, सिख, बौद्ध व जैन समाज के कत्लेआम की कीमत पर भी सत्ता प्राप्त करना इन दलों की प्राथमिकता थी। डबल इंजन सरकार बनने के बाद पीएम मोदी जी के नेतृत्व में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) लागू किया गया, जिससे पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू, बौद्ध, सिख व जैन परिवारों को नागरिकता और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने का रास्ता खुला।
विस्थापितों को अधिकार देने का विरोध किया कांग्रेस-सपा ने
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएए का कांग्रेस व सपा ने देशभर में विरोध किया और आंदोलन किए। इन दलों की सोच हमेशा देश के संसाधनों पर मुसलमानों का पहला अधिकार सुनिश्चित करने की रही। उनके इस पाप का खामियाजा हिंदू, सिख, बौद्ध व जैन समाज को उठाना पड़ा। आज लगभग 2500 परिवार यानी करीब 15 हजार लोग इसी सीएए का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। सीएम ने उन सभी जनप्रतिनिधियों को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने इन बंगाली परिवारों को उनका अधिकार दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 55 हजार ऐसे विस्थापित परिवार रह रहे हैं। बाराबंकी, बहराइच, बिजनौर और अब पीलीभीत में प्रथम चरण का कार्य पूरा किया जा रहा है। यह अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। कुछ मामलों में वन विभाग व भारत सरकार से स्वीकृति मिलना शेष है। जैसे ही यह स्वीकृति प्राप्त होगी, अन्य पात्र परिवारों को भी उनका अधिकार दिया जाएगा। रामपुर में भी बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को नागरिकता व भूमि अधिकार दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा को चार बार प्रदेश में शासन करने का अवसर मिला, लेकिन उसने कभी गरीबों की तकलीफ सुनने की कोशिश नहीं की। जब बबुआ 12 बजे सोकर उठेंगे, 2 बजे तक तैयार होंगे और फिर 5 बजे जिम चले जाएंगे तो गरीबों की पीड़ा सुनने का समय कहां होगा। उनके लिए विकास का मतलब केवल सैफई था। पीलीभीत उनके एजेंडे में होता तो मेडिकल कॉलेज बन जाता। पीलीभीत की बांसुरी को वैश्विक पहचान मिल चुकी होती। पीलीभीत व लखीमपुर को जोड़ने वाला पुल बन गया होता तथा टाइगर रिजर्व को भी विश्वस्तरीय पहचान मिल गई होती। विस्थापित परिवारों को भी उसी समय नागरिकता व जमीन का अधिकार मिल गया होता, लेकिन उनके पास परिवार से बाहर किसी के बारे में सोचने का समय नहीं था।
जनता जनार्दन ने पंक्चर की सपा की साइकिल
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग केवल अपने परिवार तक सीमित रहते हैं, वे समाज व देश का कल्याण नहीं कर सकते। जनता जनार्दन ने इसी कारण सपा की साइकिल पंचर कर दी। आज जहां गौशालाएं बनी हैं, उन सार्वजनिक जमीनों पर 2017 से पहले सपाइयों ने कब्जा कर रखा था। भाजपा सरकार बनने के बाद पहले ही दिन घोषणा की गई थी कि कब्जा छोड़ दें, अन्यथा 48 घंटे में जो कार्रवाई होगी, सात पीढ़ियां याद रखेंगी। कार्रवाई के डर से कई लोगों ने स्वयं जमीन वापस कर दी। पिछली सरकारों में माफिया सीना तानकर चलते थे। थानों व तहसीलों पर दबाव बनाते थे। किसी की भी जमीन पर कब्जा कर लेते थे और विकास कार्यों को रोक देते थे। बहन-बेटियों की सुरक्षा खतरे में रहती थी। दंगे होने पर पूर्व मुख्यमंत्री दंगाइयों को सरकारी विमान से बुलाकर आवास पर सम्मानित करते थे। 2017 से पहले यही प्रदेश की पहचान थी।
पीलीभीत बनेगा इको-टूरिज्म का बड़ा केंद्र
सीएम ने कहा कि प्रदेश में इकोनॉमिक कॉरिडोर व आधुनिक सड़क नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है। पीलीभीत से शामली, पानीपत, मुरादाबाद, गोरखपुर और आगे सिलीगुड़ी तक बेहतर संपर्क स्थापित किया जा रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे जैसी विश्वस्तरीय परियोजनाएं प्रदेश को मिली हैं। पीलीभीत की जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं, बेहतर सड़क संपर्क और विकास परियोजनाओं की बधाई देते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पीलीभीत इको-टूरिज्म का बड़ा केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री ने जनता से अपने प्रतिनिधियों का सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि जो भी विकास प्रस्ताव सरकार के सामने आएंगे, उन्हें पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
सीएम के हाथों मिले नागरिकता व भूमि प्रमाण पत्र
मुख्यमंत्री के हाथों नागरिकता एवं भूमि संबंधित अधिकार पत्र प्राप्त करने वालों में कृष्णापद मंडल, अधीर कुमार बैरागी, मनोस मंडल, नोनी गोपाल, नरेश विश्वास, सुनीता मंडल, तारा चंद्र सरकार, जनक सरकार, राम चंद्र, राम मिलन, रामजी, सतीश रॉय व संतोष पाल प्रमुख हैं।
इन्हें मिले विभिन्न योजनाओं के चेक व चाबी
सीएम ने अपने हाथों से पुष्पा देवी, अंशिका, मीनू, सोनी देवी, हेमंत राठौर, पुष्पा देवी, पूजा देवी, कमलेश गंगवार,धीरेन्द्र सिंह,अनुराग शर्मा, प्रीति सिंह, अरविंद, इन्द्रावती को विभिन्न लाभार्थी योजनाओं के तहत चेक, चाबी व प्रमाण पत्र वितरित किए।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, राज्य सरकार के मंत्री बलदेव सिंह औलख, संजय सिंह गंगवार, विधायक स्वामी प्रवक्तानंद, बाबूराम पासवान, विवेक कुमार वर्मा, विधान परिषद सदस्य सुधीर गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष दलजीत कौर, भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य, पूर्व मंत्री विनोद तिवारी, महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पांडेय, पूर्व विधायक किशन लाल राजपूत, पीलीभीत नगर पालिका अध्यक्ष आस्था अग्रवाल, पूरनपुर नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता, सुरेश गंगवार, गुलशन आनंद आदि मौजूद रहे।

