Rohtak News : पुलिस कस्टडी में गांव टिटौली निवासी टैक्सी ड्राइवर नरेश की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की सख्ती और थर्ड डिग्री टार्चर के कारण नरेश की जान गई है।
वहीं परिजनों के आरोपों के बाद पुलिस ने शनिवार को डॉक्टरों का बोर्ड गठित करवाकर पोस्टमार्टम करवाया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा।
पुलिस मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि किसी व्यक्ति द्वारा अपने आपको किसी गैंग का सदस्य बताते हुए एक ठेकेदार से फिरौती की मांग की गई थी। मामले में शिकायत मिलने पर पुलिस द्वारा मामला दर्ज किया गया तथा जांच शुरू कर दी गई। विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच को आगे बढ़ाया गया।
जांच के दौरान सूचना प्राप्त हुई कि नरेश पुत्र बलजीत उर्फ जीता निवासी गॉव टिटौली, रोहतक उक्त मामले में किसी प्रकार से जुड़ा हुआ है। सीआईए-2 स्टाफ की टीम ने शक के आधार पर नरेश व एक अन्य व्यक्ति को पूछताछ के लिए सीआईए-2 स्टाफ में बुलाया गया था। 24 अप्रैल को रात्रि के समय नरेश की तबीयत अचानक खराब हो गई। जिसने अपनी छाती में दर्द होने बारे सीआईए-2 स्टाफ के जवानों को बताया। सीआईए-2 स्टाफ द्वारा तुरंत नरेश को मेडिकल मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। सीआईए-2 स्टाफ द्वारा नरेश के परिजनों को भी तत्काल अवगत कराया गया। देर रात्रि इलाज के दौरान नरेश की मौत हो गई है। रात्रि के समय ही परिजनों की मौजूदगी में नरेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआईएमएस के डेड हाउस में रखा गया था।
25 अप्रैल को थाना पीजीआईएमएस द्वारा डॉक्टरों का बोर्ड गठित करवाकर तथा नरेश के परिजनों की सहमति से नरेश के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। नरेश का अंतिम संस्कार परिजनों द्वारा गॉव टिटौली में किया गया है। इस मामले में जिला पुलिस द्वारा डीएसपी दलीप के नेतृत्व में जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट व डॉक्टर की राय के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा। उसकी बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी तथा उसी अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट व डॉक्टर की राय के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा।

