लखनऊ : उत्तर प्रदेश में पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया को मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा विभाग तथा स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के लिए चयनित कुल 500 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए युवाओं के चेहरे पर उत्साह और गर्व साफ झलक रहा था।
इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा, “उत्तर प्रदेश आज बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को भी अपने वित्तीय संसाधनों से पूरा करने की क्षमता रखता है। देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे में शामिल करीब 600 किलोमीटर के गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण बिना बैंकों से कर्ज लिए पूरा किया गया। इसमें 36,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुआ। एक्सप्रेसवे के किनारे नौ इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक हब विकसित किए जा रहे हैं, जिनके लिए करीब 7,000 एकड़ अतिरिक्त जमीन ली गई है। इंडस्ट्रियल क्लस्टर व लॉजिस्टिक हब को मिलाकर पूरी परियोजना पर 42,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। वर्ष 2017 से पहले यह स्थिति नहीं थी, प्रदेश को ‘बीमारू’ माना जाता था। कोई भी बैंक या वित्तीय संस्थान राज्य को कर्ज देने के लिए तैयार नहीं था। लेकिन, अब यूपी ‘रेवेन्यू सरप्लस स्टेट’ है।
नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चयन होना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक गर्व की बात यह है कि उन्हें स्वयं मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ। लखनऊ की आयुषी त्रिपाठी ने कहा कि यह उनके जीवन का ऐतिहासिक क्षण है। योगी सरकार में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी है, जहां किसी सिफारिश या दबाव की जरूरत नहीं पड़ती। आयुषी ने युवाओं को संदेश दिया कि वे मेहनत और ईमानदारी से तैयारी करें, सफलता अवश्य मिलेगी।
महिलाओं को बराबरी का अवसर दे रही योगी सरकार
शाहजहांपुर की सुनेहा मिश्रा ने कहा कि नियुक्ति पत्र पाकर वह स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। इस बार बड़ी संख्या में महिलाओं का चयन होना इस बात का प्रमाण है कि योगी सरकार महिलाओं को बराबरी का अवसर दे रही है। सुनेहा ने विश्वास दिलाया कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, वह उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगी। अमरेंद्र प्रताप सिंह ने भर्ती प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया सरल, सुगम और पारदर्शी रही। मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के चलते भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है और योग्य अभ्यर्थियों को उनका अधिकार मिल रहा है। कम शुल्क और बिना किसी बाधा के पूरी प्रक्रिया संपन्न होना युवाओं के लिए बड़ी राहत है।
यूपी में महिलाएं बना रहीं अलग पहचान
झांसी की वंदना कुशवाहा और मयंक कौशिक ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त करना अत्यंत ही गर्व का विषय है। योगी सरकार की नीतियों के कारण महिलाओं को अधिक अवसर मिल रहे हैं और वे हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। प्रदेश के सुल्तानपुर, झांसी, आजमगढ़, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या समेत कई जिलों से आए अभ्यर्थियों ने एक स्वर में कहा कि वर्तमान व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता ने उनके विश्वास को मजबूत किया है।
इनको मिला सीएम योगी के हाथों नियुक्ति पत्र
सहकारी समिति एवं पंचायत लेखा परीक्षा के पद पर चयनित सुल्तानपुर के राम कुमार चौरसिया, झांसी की वंदना कुशवाहा, आजमगढ़ के देवव्रत यादव व विवेक सिंह, लखनऊ की आयुषी त्रिपाठी, मऊ के सौरभ कुमार गोंड, शाहजहांपुर की सुनेहा मिश्रा, वाराणसी के राम कुमार गुप्ता तथा गोरखपुर की पूर्णिमा सिंह को सीएम योगी ने स्वयं नियुक्ति पत्र सौंपे।
इसी प्रकार स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के लिए लेखा परीक्षकों में पीलीभीत के वकार हुसैन अंसारी, सोनभद्र की कुमारी प्रांशु सिंह, हमीरपुर के सुधीर यादव, झांसी की तनु प्रजापति, शाहजहांपुर के अमित कुमार, प्रयागराज की बबीता, अयोध्या के सुधीर कुमार शुक्ला, लखनऊ की अना अली, गोरखपुर के सर्वजीत सिंह कोहली, बलिया की श्वेता को सीएम योगी के हाथों नियुक्ति पत्र पाने का अवसर मिला।

