पीजीआईएमएस रोहतक का गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग विभागाध्यक्ष एवं सीनियर प्रोफेसर डॉ प्रवीण मल्होत्रा के नेतृत्व में हरियाणा का एकमात्र काले पीलिये के विरुद्ध नोडल ट्रीटमेंट सेंटर है, जो पिछले 13 वर्षों से प्रतिदिन बिना किसी वेटिंग के मरीजों का निशुल्क इलाज कर रहा है। अब तक लगभग 38,000 काले पीलिये (हेपेटाइटिस बी और सी) के मरीजों को पंजीकृत किया जा चुका है। इस सेंटर पर ना केवल हरियाणा, अपितु आस पास के राज्यों जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पंजाब तक के मरीज इलाज करवाने के लिये आते हैं।
यह भारत का पहला केन्द्र है जो काले पीलिये के विरुद्ध प्रतिदिन काम करता है और एक ही छत के नीचे एंडोस्कोपी, फाइब्रोस्कैन, कोलोनोस्कोपी, रजिस्ट्रेशन, दवाइयां और काउंसलिंग की सुविधा मुहैया करवाई जाती है। इसके लिए 20 सदस्यों की टीम पूरी मेहनत और लगन के साथ काम कर रही है।
डॉ प्रवीण मल्होत्रा ने बताया कि काले पीलिया में ईलाज के साथ-साथ बचाव की भी जरूरत होती है। इसके लिये निरंतर जागृति अभियान चलाया जाता है। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए बताया कि हेपेटाइटिस बी के मरीज के परिवार वालों में भी 13% लोगों में हेपेटाइटिस बी की समस्या पाई जाती है।
डॉ मल्होत्रा ने बताया कि नेशनल वायरल हेपिटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम के तहत पहले तो 8000 हेल्थ केयर वर्कर्स को हेपेटाइटिस बी से बचाव के वैक्सीन लगाई जा रही थी अब वही प्राइवेट अस्पतालों के हेल्थ केयर वर्कर्स के स्वास्थ्य को भी मद्देनजर रखते हुए प्रतिदिन चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी के कमरा 206 में यह वैक्सीन निशुल्क लगाई जा रही है।
कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर वरुण अरोड़ा ने बताया कि यह वैक्सीन हेल्थ केयर वर्कर्स के साथ-साथ उन हाई रिस्क ग्रुप में भी लगाई जा रही है जिन्हें हेपेटाइटिस बी होने का खतरा ज्यादा रहता है।
डॉ वरुण अरोड़ा ने आमजन से आग्रह करते हुए कहा कि यदि हम जल्दी वायरस पकड़ने की श्रेणी में आते हैं तो हमें यह वैक्सीन अवश्य लगवानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। डायलिसिस, थैलेसीमिया, हीमोफीलिया, नशे के टीके लगाने वाले व अन्य तरह का नशा करने वाले, एचसीवी, एचआईवी,लिवर सिरोसिस और हेपेटाइटिस मरीज के परिजनों को भी यह वैक्सीन अवश्य लगवानी चाहिए।
हाई रिस्क ग्रुप को हेपेटाइटिस बी से बचाव की वैक्सीन सबसे पहले नि:शुल्क लगानी शुरू
डॉ प्रवीण मल्होत्रा ने बताया कि पीजीआईएमएस रोहतक देश का पहला ऐसा केन्द्र है जहां हाई रिस्क ग्रुप को हेपेटाइटिस बी से बचाव की वैक्सीन सबसे पहले नि:शुल्क लगानी शुरू की गई। इससे हेपेटाइटिस बी के रोकथाम में काफी मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि पीजीआइएमएस रोहतक की स्त्री रोग विभाग एवं गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग ने साथ मिलकर एक रिसर्च के माध्यम से माता से उनके नवजात शिशु में होने वाले हेपेटाइटिस बी से बचाव में काफी सफलता हासिल की, जिसमें स्त्री रोग विभाग अध्यक्ष डॉ पुष्पा दहिया और डॉक्टर वाणी मल्होत्रा की भूमिका रही। जिन्होंने करीब 500 हेपेटाइटिस बी की गर्भवती महिलाओं के नवजात को पैदा होने के तुरन्त उपरांत हेपेटाइटिस बी की वैक्सीन और इम्युनोग्लोबिन उनके नवजात शिशु को लगवाकर इस बीमारी से बचाव करवाया, जोकि अपने आप में विश्व रिकार्ड है।

