Saturday, January 17, 2026
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रोहतक में बॉक्सिंग खिलाड़ी ने लगाया फंदा, नोट लिख पेरेंट्स से मांगी माफी

रोहतक। रोहतक के शहर के आजादगढ़ इलाके में स्थित एक बॉक्सिंग अकादमी में प्रशिक्षण लेने आई 16 वर्षीय बाॅक्सर का शव पीजी में फंदे से लटकता मिला। युवा खिलाड़ी मध्यप्रदेश के ग्वालियर से 22 अप्रैल को ही रोहतक आई थी। आजादगढ़ स्थितएक प्राइवेट पीजी में रह रही थी। खिलाडी की पहचान मध्यप्रदेश की 2023 में हुई राज्य स्तरीय बाक्सिंग प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में रजत पदक विजेता 16 वर्षीय आदिश्री शिंदे के रूप में हुई। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई माैत के कारण की जानकारी नहीं हो सकी। उसका शव रात को पीजीआई की मोर्चरी में रखवाया गया था। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव पिता रणजीत शिंदे को सौंपा दिया।

पुलिस के मुताबिक, रविवार रात करीब 9 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि आजादगढ़ इलाके में एक लड़की का शव पीजी में मिला है। सूचना पाकर नए बस स्टैंड पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई पंकज मौके पर पहुंचे। एफएसएल एक्स्पर्ट डॉक्टर सरोज दहिया को बुलाया गया। युवा खिलाड़ी का शव फंदे से उतार कर जांच पड़ताल के बाद रात को शव पीजीआई के डेड हाउस में रखवा गया। लड़की के परिजनों को सूचना दे दी गई। जिसके बाद खिलाडी के पिता रोहतक पहुंचे और फिर उनकी मौजूदगी में आदिश्री का पोस्टमार्टम करवाया गया। सोमवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद पिता को शव सौंप दिय गया।

मौके से मिला सुसाइड नोट

पुलिस को कमरे में मौके से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें आदिश्री की तरफ से लिखा हुआ है कि, मम्मी-पापा आप दोनों ने मेरे लिए बहुत कुछ किया। मैं जा रही हूं, मुझे माफ कर देना। सुसाइड नोट में आदिश्री ने आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं किया है। न ही पिता ने पुलिस को दिए बयानों में वजह बताई। केवल इतना कहा कि उसकी बेटी ने अज्ञात कारणों के चलते यह कदम उठाया है। नम आंखों से पिता रणजीत शिंदे ने कहा, आदिश्री से मेरे बहुत सपने जुड़े थे।

पिता रणजीत शिंदे बोले – वह मेरी इकलौती संतान थी। कहती थी कि पिता जी, एक दिन देश के लिए ओलंपिक में मेडल जीतकर लाऊंगी। पता नहीं था, जिस पदक को पाने के लिए 14 दिन पहले बेटी को छोड़ने आया था, उसका अब शव लेकर जा रहा हूं। मेरी बेटी आत्महत्या क्यों की, मुझे पता नहीं। न ही मुझे किसी पर शक है। मैं तो बेटी को बाक्सिंग अकादमी में दाखिला दिलाकर गया था। 14 दिन बाद उसका शव लेकर जा रहा हूं।

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