पूरी दुनिया में तेल और गैस संकट के बीच भारत में ऊर्जा क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। बायोमास पेलेट्स इस बदलाव का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं। कृषि अवशेष जैसे पराली, भूसा और लकड़ी के बुरादे से बनने वाले ये पेलेट्स अब पारंपरिक ईंधनों का मजबूत विकल्प बन रहे हैं।
भारत में हर साल बड़ी मात्रा में कृषि कचरा जलाने से होने वाले प्रदूषण की समस्या को देखते हुए, अब इसी कचरे को ऊर्जा में बदलने पर जोर दिया जा रहा है। बायोमास पेलेट्स का उपयोग पावर प्लांट, औद्योगिक बॉयलर और छोटे उद्योगों में तेजी से बढ़ रहा है। इस कारण स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है।
केंद्र और राज्य सरकार भी कोयले के साथ बायोमास पेलेट्स की को-फायरिंग को प्रोत्साहित कर रही है। यह कदम किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत भी बन रहा है।
वहीं इसी दिशा में Homre Limited ने बायोमास पेलेट्स के उत्पादन और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए अपने विस्तार की घोषणा की है। कंपनी का विशेष फोकस आधुनिक तकनीक के जरिए इस सेक्टर को आगे बढ़ाने का है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
वहीं देश में बढ़ती मांग और कम लागत के कारण बायोमास पेलेट्स उद्योग आने वाले समय में तेज़ी से विस्तार कर सकता है। यह पहल भारत को स्वच्छ, टिकाऊ और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

