कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि कुरुक्षेत्र बाईपास की मंजूरी के बाद अब संबंधित गांवों की भूमि अधिग्रहण के कार्य को जल्द ही शुरू किया जाएगा। इस कार्यवाही को ध्यान में रखते हुए पिहोवा, थानेसर की तहसील में संबंधित गांवों की भूमि की खरीद, बिक्री दस्तावेजों के पंजीकरण करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाती है। इस बारे में संबंधित एसडीएम, डीआरओ, तहसीलदार व नायब तहसीलदारों को आदेश दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि भूमि के मुआवजे या पुरस्कार का उचित निर्धारण हो, सट्टेबाजी के लेन-देन, भूमि की कीमतों में कृत्रिम वृद्धि को रोका जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि बाईपास के निर्माण में थानेसर तहसील के गांव ईदबडी, ज्योतिसर, बारवा, कैंथला खुर्द, किरमच, सुनेहड़ी, ईशाकपुर, सलारपुर, अमीन, खासपुर, जिरबड़ी, उमरी, शादीपुर लाडवा, किशनगढ़, दौलतपुर, मथाना, बीड़ सौंटी, मिर्जापुर, समसपुर, फत्तुपुर, समानी, बोढी, कडामी, मुनियारपुर गांव शामिल हैं। इसी तरफ पिहोवा तहसील के गांव मुर्तजापुर, बोर सैंदा, गढ़ी रोडान, लोहार माजरा, खानपुर रोडान शामिल है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि कुरुक्षेत्र के रजिस्ट्रार-सह-कलेक्टर के रूप में अधोहस्ताक्षरी को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, तहसील थानेसर और तहसील पिहोवा जिला कुरुक्षेत्र के बाईपास में आने वाले गांवों में बिक्री एवं खरीद दस्तावेजों के पंजीकरण पर तत्काल प्रभाव से आगामी आदेशों तक रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र बाईपास शहर के हर नागरिक का एक ड्रीम प्रोजेक्ट था। इस बाइपास के लिए जल्द ही अब भूमि अधिग्रहण का कार्य शुरू होगा। यह बाईपास गांव इंदबडी, अमीन, किरमच, मथाना के आसपास से निकलेगा। इस बाईपास की लंबाई 27.9 किलोमीटर होगी।
उपायुक्त ने कहा कि कुरुक्षेत्र बाइपास स्थानीय नागरिकों के लिए एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है। इस बाइपास के बनने से ट्रैफिक जाम, सडक़ दुर्घटनाओं पर अंकुश लगने के साथ-साथ प्रदूषण से भी राहत मिलेगी। इस प्रोजेक्ट के बनने से कुरुक्षेत्र को आर्थिक रूप से भी मजबूती मिलेगी।

