मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज, संस्कार और मानवता की रक्षा का अभियान है। उन्होंने कहा कि नशा अनेक परिवारों को बर्बाद कर रहा है और युवाओं के भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रहा है। ऐसे में इसे जनभागीदारी के माध्यम से जन आंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री शनिवार को करनाल स्थित हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन में आयोजित “एक पुलिस, एक संकल्प – ‘ड्रग्स मुक्त हरियाणा'” कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। हरियाणा पुलिस के सभी थाना प्रभारियों (एसएचओ) के साथ आयोजित इस संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश को पूर्णतः नशामुक्त बनाने के संकल्प को और सुदृढ़ करना तथा इस दिशा में प्रभावी रणनीति तैयार करना था।
सुपर-100 के 70 विद्यार्थियों को दी बधाई
मुख्यमंत्री ने नीट परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले सुपर-100 कार्यक्रम के 70 विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इनका मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने कहा कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर एवं साधारण परिवारों से हैं। उनकी सफलता सरकार द्वारा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों का परिणाम है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की त्रैमासिक पत्रिका का विमोचन भी किया। पत्रिका में विदेशों से प्रत्यर्पित कर भारत लाए गए अपराधियों सहित विभाग की प्रमुख उपलब्धियों और महत्वपूर्ण अभियानों का उल्लेख किया गया है।
हर थाना सामाजिक परिवर्तन का केंद्र बने
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक थाना केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित न रहे, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का केंद्र बने। थाना प्रभारी अपने क्षेत्र के विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों, स्वयंसेवी संस्थाओं, धार्मिक संगठनों और युवा मंडलों के साथ नियमित संवाद स्थापित करें तथा युवाओं को नशे और अपराध से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि आज नशे का कारोबार आधुनिक तकनीक, सोशल मीडिया और संगठित अपराध के माध्यम से युवाओं तक पहुंच रहा है। इसलिए पुलिस को भी आधुनिक तकनीक के अनुरूप सजग, सक्रिय और सक्षम बनना होगा। केवल तस्करों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना आवश्यक है। साथ ही पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करना भी उतना ही जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता, संवेदनशीलता और पुनर्वास पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा। जब पुलिस, परिवार, शिक्षक, चिकित्सक, सामाजिक संगठन, मातृशक्ति और युवा शक्ति एकजुट होकर कार्य करेंगे, तभी नशा मुक्त हरियाणा का लक्ष्य साकार होगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। हरियाणा को खेलों का हब बनाना है, ताकि युवा नशे की गिरफ्त में आने के बजाय मैदान में उतरकर देश के लिए स्वर्ण पदक जीतें। स्वस्थ, अनुशासित और खेल संस्कृति से जुड़े युवा ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बनेंगे।
हर स्तर पर बनेगी नशा मुक्ति टास्क फोर्स
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जिला, उपमंडल, ब्लॉक, गांव और वार्ड स्तर तक नशा मुक्ति टास्क फोर्स का गठन करेगी। इसमें जनप्रतिनिधियों, थाना प्रभारियों, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, युवा एवं महिला मंडलों, केमिस्ट एसोसिएशन तथा समाज के प्रबुद्ध नागरिकों को शामिल किया जाएगा, ताकि नशे के खिलाफ व्यापक सामाजिक अभियान चलाया जा सके।
उन्होंने थाना प्रभारियों से ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक थाना प्रभारी यह संकल्प ले कि उसके क्षेत्र में नशे का कारोबार नहीं होने देगा, तो नशा माफिया के लिए हरियाणा में कोई स्थान नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी सेवा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है तथा उसका सम्मान हर परिस्थिति में सर्वोपरि रहना चाहिए।
पुलिस अधिकारियों की मांगों पर मुख्यमंत्री की घोषणाएं
मुख्यमंत्री सैनी ने पुलिस अधिकारियों के साथ संवाद के दौरान विभाग से जुड़े विभिन्न सुझावों और मांगों पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि तफ्तीश (Investigation) हेड के तहत उपलब्ध राशि बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये की जाएगी, ताकि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जांच अधिकारियों (आईओ) को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।
उन्होंने कहा कि नशा तस्करों के विरुद्ध उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को प्रोत्साहित करने के लिए एनडीपीएस मामलों में हरियाणा की अलग पुरस्कार नीति तैयार की जाएगी। इसके लिए अन्य राज्यों की पुरस्कार नीति का अध्ययन कर हरियाणा के अनुरूप नीति बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्यूल पर्पज़ ड्रग्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए सॉफ्टवेयर आधारित एंड-टू-एंड मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके तैयार होने तक सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि ऐसी दवाओं के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
उन्होंने बताया कि ग्रुप-डी कर्मचारियों के कार्यों के बेहतर प्रबंधन के लिए भी सरकार विचार कर रही है। इसके लिए एक सॉफ्टवेयर विकसित किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों की योग्यता और कौशल के अनुरूप उनकी ड्यूटी सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग से मेडिकल अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, समाज कल्याण एवं स्वास्थ्य विभाग को प्रदेश के प्रत्येक जिले में आधुनिक सुविधाओं से युक्त नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए जाएंगे, विशेष रूप से संवेदनशील जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि गैंगस्टरों और अपराधियों के महिमामंडन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया से जुड़े प्रतिनिधियों तथा कंटेंट क्रिएटर्स के साथ बैठक कर सुझाव लिए जाएंगे, जिसके बाद आवश्यक एडवाइजरी जारी करने पर निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि जो थाना प्रभारी अपने क्षेत्र को प्रभावी रूप से नशामुक्त बनाने में सफल होगा, सत्यापन के उपरांत उसे सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से थाना प्रभारियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और नशा मुक्त हरियाणा अभियान को नई गति मिलेगी।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि विभाग द्वारा नशा तस्करों के विरुद्ध पूरे प्रदेश में लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं तथा उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ही नहीं कर रही, बल्कि जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति भी जागरूक कर रही है। उन्होंने विभाग द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों तथा उनकी उपलब्धियों की भी जानकारी दी।

