बटाला : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार हर हाल में प्रदेश से “नशे का कलंक” मिटाकर रहेगी। उन्होंने कहा कि चल रहे युद्ध नशियां विरुद्ध अभियान ने पहले ही नशा तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है, जिसके तहत सिर्फ 437 दिनों में 63,707 से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और पंजाब भर में नशे के पैसे से बनी अवैध संपत्तियों को गिराया जा रहा है।
बटाला में संत त्रिलोचन दास जी महाराज के 38वें गुरुगद्दी दिवस को समर्पित नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नशों और संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई अब जन आंदोलन बन गई है, जिसमें हर पंजाबी पंजाब सरकार के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
मुख्यमंत्री ने पिछले 112 दिनों में गैंगस्टरों पर वार अभियान के तहत की गई कार्रवाइयों, महिलाओं और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए चल रहे कल्याणकारी कार्यों और प्रदेश में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा बनाए गए बेअदबी विरोधी सख्त कानून जैसी पहलकदमियों पर भी प्रकाश डाला।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार के युद्ध नशियां विरुद्ध अभियान को 400 से अधिक दिन हो गए हैं और इस अभियान को शानदार सफलता मिली है। हमने नशे के कारोबार की रीढ़ तोड़ दी है और इस अपराध में शामिल बड़ी मछलियों को सलाखों के पीछे धकेल दिया गया है। नशों के खिलाफ यह कार्रवाई पूरी ताकत से तब तक जारी रहेगी, जब तक इस बुराई का पंजाब से पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता।”
पंजाब की आध्यात्मिक विरासत को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह हमारे शहीदों की धरती है और इसका कोना-कोना महान गुरुओं, संतों, पीर-पैगम्बरों की चरण-छोह प्राप्त है, जिन्होंने हमें जुल्म, बेइंसाफी और अत्याचार के खिलाफ खड़े होना सिखाया। हमारे गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरित होकर ही हमने नशों के खिलाफ यह युद्ध शुरू किया, जिसके नतीजे अब जमीन पर दिखाई दे रहे हैं। वह दिन दूर नहीं, जब पंजाब पूरी तरह नशा मुक्त हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को हमेशा देश का अन्न भंडार और खड़ग भुजा के रूप में जाना जाता रहा है और यहां के लोग दुनिया भर में अपनी हिम्मत, सिर्फ और उद्यमी स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों ने पंजाब के विकास को अनदेखा किया, जिसके कारण युवाओं को मजबूरी में पंजाब छोड़कर विदेशों की ओर जाना पड़ा। इसके विपरीत आज हमारी सरकार ‘रंगले पंजाब’ की प्राचीन शान बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।”
लोगों की भलाई पर केंद्रित प्रशासन पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोगों के टैक्स का पैसा लोगों का है और हम इस पैसे को उनकी भलाई पर पूरी समझदारी से खर्च कर रहे हैं। अब लोगों का पैसा भ्रष्टाचार और लूट में बेकार नहीं जाता, बल्कि स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और बुनियादी ढांचे के विकास पर लगाया जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है और बिना किसी भ्रष्टाचार के प्रदेश के युवाओं को 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने सड़कों को बेहतर बनाया है, टोल प्लाजा बंद किए हैं, लोगों को रोजाना लगभग 70 लाख रुपये की बचत हो रही है और प्रदेश भर में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है। पंजाब के इतिहास में पहली बार किसानों को धान के सीजन के दौरान आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली सप्लाई और सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली दी गई है, जिससे उनकी जिंदगी बदल गई है।”
जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) अधिनियम 2026 का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वाहिगुरू की कृपा से इस ऐतिहासिक कानून को लागू करके मुझे मानवता की सेवा करने का अवसर मिला है, जिसमें बेअदबी के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। यह अधिनियम भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोकने में मदद करेगा।”
उन्होंने कहा कि बेअदबी की घटनाएं पंजाब में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को भंग करने के उद्देश्य से शुरू की गई गहरी साजिश के तहत करवाई गई थीं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस अपराध में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को अनुकरणीय सजा दी जाएगी। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता के समान हैं और उनकी मर्यादा को बनाए रखना हमारा पवित्र कर्तव्य है।” उन्होंने कहा कि दुनिया भर में बसने वाले सिखों द्वारा इस कानून के लिए धन्यवाद दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “इस अधिनियम को पारित करने की सेवा गुरु साहिब ने खुद मुझसे ली है। वाहिगुरू ऐसी सेवा सिर्फ उन्हीं को सौंपता है, जिन्हें उसने खुद चुना होता है और मैं सिर्फ एक निमाणा (विनम्र) सेवक हूं, जिसे यह जिम्मेदारी मिली है।” उन्होंने आगे कहा कि समाज के सभी वर्गों के लोग लंबे समय से बेअदबी के खिलाफ सख्त कानूनों की मांग कर रहे थे।
गुरबानी की तुक “पवणु गुरू पाणी पिता माता धरति महतु” का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि महान गुरुओं ने सदियों पहले मानवता को प्रकृति का सम्मान करने और सौहार्द के साथ रहने की शिक्षा दी थी। उन्होंने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हमारे जीवित गुरु हैं और हर पंजाबी, खासकर हर सिख, श्री गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज हर शब्द का सम्मान करता है और उसका पालन करता है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब की मिट्टी इतनी उपजाऊ है कि यहां सब कुछ उग सकता है, लेकिन नफरत और दुश्मनी की यहां कोई जगह नहीं है। गुरुओं, संतों और पीरों की इस पवित्र धरती ने हमेशा प्यार, शांति और सहनशीलता का संदेश दिया है। पंजाब के सांप्रदायिक सद्भाव को ढहाने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन ऐसी सभी साजिशें असफल रहीं क्योंकि यह सौभाग्यशाली धरती है।

